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हेलीकाप्टर घोटाले को लेकर राज्यसभा में जमकर हंगामा

हेलीकाप्टर घोटाले को लेकर राज्यसभा में जमकर हंगामा

हेलीकाप्टर घोटाले को लेकर राज्यसभा में जमकर हंगामा

नई दिल्ली। राज्यसभा में अगस्ता वेस्टलैंड समझौते को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते हुए कांग्रेस सांसदो ने हंगामा जारी रखा। जिसके चलते सदन की कार्यवाही 11:38 पर एक बार फिर स्थगित करनी पड़ी। जहां एक तरफ कांग्रेस ने सदन में उत्तराखंड का मुद्दा उठाया वहीं भाजपा ने यूपीए सरकार के कार्यकाल में अगुस्ता हेलीकाप्टर घोटाले का मुद्दा उठाकर विपक्ष पर पलटवार किया। नवनियुक्त राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अगुस्ता सौदे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया। स्वामी ने जैसे ही अगुस्ता हेलीकाप्टर घोटाले में सोनिया गांधी का नाम लिया वैसे ही कांग्रेस सांसदो ने जमकर हंगामा किया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस का बचाव करते हुए केंद्र सरकार से प्रश्न करते हुए कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड का मान मेक इन इंडिया सूची में कैसे आया। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया था। मोदी सरकार ने इसे सूची से बाहर क्यों किया। क्या इटैलियन मरीन को लेकर कोई डील हुई है? गुलाम नबी आजाद ने इस मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की चिट्ठी का हवाला दिया। कांग्रेस ने दावा किया कि मीशेल ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी को चिट्ठी लिखी थी। गुलाम नबी आजाद के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सौदे को लेकर कांग्रेस के आरोप बेबूनीयाद है। जेटली ने कहा इटली से पीएम मोदी की ऐसी कोई बात नहीं हुई। अगस्ता वेस्टलैंड मामले में घूसकांड की जांच हो रही है।

नवनियुक्त राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अगुस्ता सौदे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था। वहीं लोकसभा में मीनाक्षी लेखी अगस्ता का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने भी ऑगस्टावेस्टलैंड मसले पर चर्चा के लिए दोनों सदनों में नोटिस दिया।इससे पहले भाजपा ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर समझौते में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई है ताकि विपक्षी दल को घेरा जा सके जो कि उत्तराखंड मामले को लेकर राज्यसभा में कार्यवाही बाधित कर रही है।

दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने बचाव के लिए रणनीति तैयार की। इस मुद्दे को लेकर सोनिया ने अपने आवास दस जनपथ पर संसद शुरू होने से पहले एक अहम बैठक बुलाई। बैठक में राहुल गांधी, आनंद शर्मा ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई बड़े नेता मौजूद थे। अगस्ता मसले पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आरोपों का कोई आधार नहीं है, मेरी पार्टी जवाब देगी।

कांग्रेस ने पलटवार करते हुए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के खिलाफ किसी भी आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि ‘हम इसे खारिज करते हैं।’ राज्यसभा में पार्टी के उपनेता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि किसी को भी घटिया टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और बुद्धिमता पर कभी सवाल नहीं उठे। शर्मा ने यह भी दावा किया कि मोदी के ‘करीबी’ व्यवसायियों ने ऑगस्‍टा वेस्टलैंड के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया। लेकिन उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को इटली के मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कहा कि 2013 में भारत सरकार ने न्यायालय को वह ज़रूरी दस्तावेज मुहैया नहीं कराये जिससे भ्रष्टाचार का भांडाफोड़ होता। यह वीवीआईपी हेलीकॉप्टर समझौता 2010 में हुआ था। न्यायालय ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं जो शुरुआती तौर पर यह विश्वास दिलाते हैं कि भ्रष्टाचार हुआ था और इसमें उस समय के वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को लाभ पहुंचा था। कोर्ट के मुताबिक सौदे में एक से डेढ़ करोड़ डॉलर का अवैध फंड भारतीय अफसरों तक पहुंचा। अदालत का फैसला 225 पन्नों का है। 17 पेजों में सिर्फ पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी का जिक्र है।

Updated : 2016-04-27T05:30:00+05:30
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