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अब ई-कॉमर्स कंपनियां नहीं दे पाएंगी ऑनलाइन शॉपिंग पर भारी डिस्काउंट

अब ई-कॉमर्स कंपनियां नहीं दे पाएंगी ऑनलाइन शॉपिंग पर भारी डिस्काउंट

अब ई-कॉमर्स कंपनियां नहीं दे पाएंगी ऑनलाइन शॉपिंग पर भारी डिस्काउंट

नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट, आमेजन तथा स्नैपडील जैसी ई-खुदरा कंपनियों को अब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिये आकर्षक छूट देने में कठिनाई हो सकती है। आनलाइन खुदरा बिक्री मंच (मार्केटप्लेसेस) पर जारी नये दिशानिर्देश में ऐसी कंपनियों पर वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों को प्रभावित करने से रोक लगायी गयी है।

सरकार ने ई-वाणिज्य खुदरा क्षेत्र में ऑनलाइन बिक्री मंच के मामले में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दे दी। दिशानिर्देश में कहा गया है कि ऐसी इकाइयां वस्तुओं एवं सेवाओं के बिक्री मूल्य को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रभावित नहीं करेंगी और सबके लिए सामान अवसर बनाये रखेंगी।

एक अधिकारी ने कहा, छूट केवल वस्तुओं या सेवाओं के मालिक द्वारा दी जा सकती है। ओद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के संयुक्त सचिव अतुल चतुर्वेदी ने टिवटर पर लिखा है, ई-वाणिज्य दिशानिर्देश खुदरा बिक्री मंच पर पंजीकत माल रखने वालों यानी बिक्रेताओं को छूट देते हुए कीमत निर्धारण की अनुमति देता है।

उन्होंने कहा कि दिशानिर्देश ऐसे बाजारों तथा भौतिक रूप से उपलब्ध दुकानों के बीच संतुलन बनाता है। चतुर्वेदी ने कहा, यह बाजार खराब करने वाली कीमत को समाप्त करेगी और समान अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि ये नियम एसएमई के लिये फायदेमंद है क्योंकि वे बिना भौतिक रूप से अपनी दुकानें खोले माल बेच सकते हैं और रोजगार सजित कर सकते हैं।

Updated : 2016-03-31T05:30:00+05:30
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