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अब पानी के अभाव में नहीं होगी मोरों की मौत

वन विभाग ने बनाए सांसर, प्राकृतिक जल स्त्रोतों का कराया जीर्णोद्धार

ग्वालियर। गर्मी के दिनों में पानी के अभाव में राष्ट्रीय पक्षी मोरों तथा अन्य वन्यजीवों की मौत न हो। इसके लिए वन विभाग द्वारा जंगलों में स्थित प्राकृतिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार कराने के साथ-साथ प्रमुख स्थानों पर सांसर (छोटे-छोटे तालाब) का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें टैंकरों के माध्यम से नियमित रूप से पानी भरा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि अन्य पक्षियों की तुलना में राष्ट्रीय पक्षी मोर काफी नाजुक होता है, जिसे अत्यधिक गर्मी के दौरान यदि पीने के लिए पानी न मिले तो उसकी तत्काल मौत हो जाती है। पिछले वर्षों में गर्मियों के दिनों में अत्यधिक गर्मी और पानी के अभाव में मोरों की सामूहिक मौत के मामले सामने आते रहे हैं, जिससे सबक लेते हुए वन विभाग ने इस बार गर्मी के दिनों में राष्ट्रीय पक्षी मोरों के लिए पानी की समुचित व्यवस्था करने की दिशा में अभी से प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं।

बताया गया है कि वन विभाग द्वारा मोरों के रहवास चिन्हित किए जा रहे हैं। अब तक ऐसे ही करीब 10 स्थानों पर सांसरों का निर्माण किया जा चुका है। निकट भविष्य में और भी स्थानों पर सांसर बनाए जाएंगे। इसके अलावा जंगल में मौजूद करीब 20 प्राकृतिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार भी कराया गया है, जिनमें बारिश प्रारंभ होने से पूर्व तक टैंकरों से नियमित रूप से पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी।

ग्राम पंचायतों की भी ली जाएगी मदद
विभागीय अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय पक्षी मोरों का रहवास अधिकांशत: आबादी के आसपास ही होता है। ऐसे सभी स्थानों पार पर्याप्त पानी की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतों की मदद भी ली जाएगी। वन विभाग के मैदानी अधिकारी व कर्मचारी सरपंचों सहित अन्य जन प्रतिनिधियों से सम्पर्क कर उन्हें गांव के पास स्थित मोरों के रहवास के आसपास पानी की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित करेंगे।

भटपुरा में बन रहा है बड़ा तालाब
इधर सोन चिरैया अभयारण्य के अंतर्गत भटपुरा के जंगल में उस स्थान पर एक कच्चा तालाब बनाया जा रहा है, जहां सोन चिरैया के रहवास के मद्देनजर करीब दो हैक्टेयर क्षेत्र में घास का मैदान तैयार किया गया है। लगभग एक लाख की लागत से करीब 50 घन मीटर लम्बे-चौड़े आकार में बनाए जा रहे इस तालाब का निर्माण विगत 26 मार्च को प्रारंभ किया गया था, जो दो से तीन दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। अभयारण्य अधीक्षक प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि इस तालाब के चारों ओर मिट्टी की मजबूत पार बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बारिश नहीं होने तक इस तालाब में टैंकरों से पानी भरा जाएगा।

इनका कहना है:-
राष्ट्रीय पक्षी मोरों सहित अन्य वन्य प्राणियों को गर्मी के दिनों में आसानी से पानी उपलब्ध हो। इसके लिए प्रमुख स्थानों पर सांसर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा जंगलों में मौजूद प्राकृतिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है।

विक्रम सिंह परिहार
वन संरक्षक, ग्वालियर

Updated : 2016-03-30T05:30:00+05:30
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