Top
Home > Archived > सांसद दिवाकर ने उठाया खेलों में डोपिंग का मुद्दा

सांसद दिवाकर ने उठाया खेलों में डोपिंग का मुद्दा

खेलों में डोपिंग रोकने को केन्द्र सरकार प्रतिबद्ध-खेल मंत्री

हाथरस। हाथरस सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने संसद में खेलों में डोपिंग की समस्या के सम्बंध में खेल मंत्रालय से जानकारी मांगकर पूछा है कि क्या केन्द्र सरकार ने डोपिंग काण्ड के कारण इण्टरनेशनल एसोसियेशन ऑफ एथिलेटिक फैडरेशन द्वारा हाल ही में किये गये रूस के निलम्बन पर ध्यान दिया है तथा यदि हां तो तत्सम्बंधी ब्यौरा क्या है।

इसके अलावा श्री दिवाकर ने पूछा कि क्या एथिलेटिक सहित भारतीय खेल हाल ही में इसी प्रकार के डोपिंग काण्डों से संत्रस्त रहे हैं तथा केन्द्र सरकार देश में ड्रग्स के उपयोग को रोकने हेतु किसी कार्य योजना को मूर्तरूप देने की प्रक्रिया में है क्या। सांसद दिवाकर के प्रश्नों पर संसद में युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सर्वानंद सोनोवाल ने बताया कि भारत सरकार इण्टरनेशनल एसोसियेशन ऑफ एथिलेटिक फैडरेशन द्वारा हाल ही में किये गये रूस के निलम्बन से अवगत है। आई.ए.ए.एफ. की कॉन्सिल ने 13 नवम्बर 15 को ऑल रसिया एथलेटिक फेडरेशन (ए.आर.ए.एफ.) को अंतिम रूप से निलंबित किया था। यह निर्णय 13 नवम्बर को आयोजित आई.ए.ए.एफ की काउंसिल की बैठक में लिया गया है।

इस अंतिम निलम्बन का आधार यह था कि ए.आर.ए.एफ. ने डोपिंग के उन्मूलन तथा खेलों में सत्यनिष्ठा और ईमानदारी को बनाये रखने सम्बंधी आई.ए.ए.एफ. के उददेश्यों का उल्लंघन किया था और भारत में हाल ही में ऐसा कोई भी डोपिंग काण्ड नहीं हुआ है। भारत सरकार खेलों में डोपिंग की बुराई के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। डोपिंग की बुराई के उन्मूलन के लिए नाडा सभी प्रतिभागी हितधारकों के सहयोग से नियमित रूप से डोपरोधी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता है। इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम का दायरा और पहुंच बढाने के लिए भारत सरकार ने पांच क्षेत्रीय आउटरीच केन्द्रों की स्थापना करने का निर्णय लिया है ताकि देश में खेलों के सभी स्तरों पर डोपरोधी शिक्षा और जागरूकता को बढाया जा सके।

सभी हितधारकों को एक साझा मंच मुहैया कराने के लिए नाडा ने सितम्बर 2014 से खेलों में डोपरोधिता पर शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम (पी.ई.ए.डी.एस.) शुरू किया है। इस पहल के साथ खेल आयोजकों, राज्य खेल प्राधिकरणों तथा शारीरिक शिक्षा विभागों/कालेजों/विश्वविद्यालयों आदि के सहयोग से हितधारकों के साथ कुल 64 ऐसे शिक्षाप्रद कार्यक्रमों/डोपरोधी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। वर्ष 2015-16 के दौरान अभी तक नाडा द्वारा कुल 45 डोपरोधी जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है।

Updated : 2016-03-03T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top