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टीडीएस कटौती न करने पर डीडीओ पर लगेगा जुर्माना

ग्वालियर। समय पर टीडीएस कटौत्रा करना डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) की जिम्मेदारी है। यदि किसी कर्मचारी या ठेकेदार का टीडीएस (टैक्स डिडेक्टेड एट सोर्स) नहीं काटा जाता है तो डीडीओ पर जुर्माना लगाया जा सकता है, इसलिए सभी डीडीओ समय से टीडीएस काटें, चालान से जमा करें और त्रैमासिक ऑनलाइन रिटर्न भी फाइल करें। टीडीएस कटौत्रा से संबंधित ऐसी कई तकनीकी जानकारियां आयकर व टीडीएस पर आयोजित हुए सेमीनार में ग्वालियर व चम्बल संभाग के आहरण व संवितरण अधिकारियों को सोमवार को मोती महल स्थित मान सभागार में आयोजित हुए सेमीनार में आयकर अधिकारियों द्वारा बताई गईं।

सेमीनार में बताया गया कि वेतन व अन्य भुगतान आदि पर की गई कटौती के लिए फार्म 16 और 16 ए आयकर अधिनियम के तहत समय-सीमा में जारी किया जाए। जानकारी देने वालों में आयकर टीडीएस अधिकारी सन्नी भार्गव, राजेश कटारे, पी.एस. सगर एवं महेश शुक्ला आदि शामिल थे। यह सेमीनार आयुक्त आयकर भोपाल के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

यह भी बताया
*वेतन के लिए टीडीएस रिटर्न फॉर्म 24 क्यू में भरा जाए।
*वेतन के अलावा किसी अन्य भुगतान के लिए फॉर्म 26 क्यू में भरें।
*किसी एनआरआई के लिए भुगतान हेतु फार्म 27 क्यू और टीसीएस के लिए फॉर्म 27 ईक्यू में भरें।
*टीडीएस की तिमाही जानकारी निर्धारित समय में दाखिल न करने पर 200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पैनल्टी लग सकती है। एक वर्ष से अधिक की देरी होने पर पैनल्टी कम से कम 10 हजार व अधिकतम एक लाख तक हो सकती है।
*निर्धारित समय पर टीडीएस की कटौती नहीं करने पर एक प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज आरोपित होगा।
*काटी गई टीडीएस की राशि सरकारी खाते में देर से जमा होने पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज लगेगा।
*टीडीएस कटौती करने के बाद उस राशि को सरकारी खाते में जमा नहीं करने पर अभियोजन का भी प्रावधान है।

Updated : 2016-03-22T05:30:00+05:30
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