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हरियाणा में जाटों का अल्टीमेटम आज खत्म, सुरक्षा कड़ी

हरियाणा में जाटों का अल्टीमेटम आज खत्म, सुरक्षा कड़ी


नई दिल्ली | हरियाणा सरकार को जाट समुदाय की ओर से आरक्षण के लिए दिए गए 72 घंटे का अल्टीमेटम आज खत्म हो गया है। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। सदन में आज जाट आरक्षण विधेयक पेश होना था लेकिन विधेयक पेश होने को लेकर सस्पेंस बरकरार है। यह भी कहा जा रहा है कि सदन में आज जाट आरक्षण विधेयक पेश नहीं होगा। इस बीच ऑल इंडिया जाट संघर्ष समिति के नेतृत्व में जाट समुदाय ने धमकी दी है कि यदि राज्य की भाजपा सरकार ने 17 मार्च तक उनकी मांगे पूरी नहीं कीं, तो वे आंदोलन फिर शुरू कर देंगे।

इस मसले पर सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा जाट बिल जरूर लाएंगे। जाट बंधुओं से कहना चाहता हूं कि धमकियां देना बंद करें। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री राम बिलास शर्मा ने डबल सिटिंग करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन से मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु हरियाणा बजट अब 21 मार्च को पेश करेंगे। इसके अलावा आज नगर पालिका और नगर निगम अध्यादेश संशोधन बिल 2016 भी सदन में लाया गया।

इस बीच हरियाणा सरकार द्वारा आज अपनी मांगें नहीं माने जाने की सूरत में जाट नेताओं की ओर से आंदोलन फिर से शुरू करने की धमकी दिए जाने के बाद हरियाणा सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के लिए केन्द्र से अर्धसैनिक बलों की मांग की है। गौर हो कि पिछले महीने हुए जाट आंदोलन के दौरान हिंसा को नियंत्रित करने में ‘असफल’ रहने के कारण हरियाणा पुलिस की खूब आलोचना हुई थी। आंदोलन के दौरान 30 लोग मारे गए थे। रोहतक के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक श्रीकांत जाधव को हरियाणा सरकार ने निलंबित कर दिया था। जाट आरक्षण आंदोलन का केन्द्र रहे रोहतक सहित झज्जर, कैथल, जींद, सोनीपत और भिवानी में भयंकर हिंसा हुई थी। जाट नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लिए जाने, आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के लिए मुआवजा और कुरूक्षेत्र से भाजपा सांसद राज कुमार सैनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Updated : 2016-03-17T05:30:00+05:30
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