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पांच छात्रों के निलम्बन से डीएस कॉलेज का माहौल गरमाया

48 घण्टों में निलम्बन वापस नहीं तो होगा आन्दोलन

अलीगढ़। धर्म समाज महाविद्यालय में दो दिन में पांच बीबीए, बीसीए के छात्रों को शिक्षिकाओं की शिकायत पर निलम्बित किये जाने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शनिवार को विश्वविद्यालय छात्र संघर्ष मोर्चा के महासचिव व डीएस कॉलेज के चर्चित छात्र नेता अमित गोस्वामी ने प्राचार्या को एक पत्र सौंपा। जिसमें उन्होनें कहा है कि बीसीए के शिक्षिकाओं की शिकायत पर दो दिन में पांच छात्रों को निलम्बित एक साजिश के तहत किया गया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि शिक्षिकाऐं छात्रों पर टयूशन पढऩे के लिए दवाब डालती हैं। जब छात्र इन शिक्षिकाओं से टयूशन नहीं पढ़ते तो शिक्षिकाऐं कॉलेज से निलम्बित करने की धमकी उन्हें देती हैं।

छात्रों का निलम्बन इसी वजह से किया गया है कि उक्त छात्र उक्त शिक्षिका पर टयूशन नहीं पढ़े। अमित गोस्वामी ने प्राचार्य को दिये पत्र में कहा है कि जब आप बीसीए के विभाग का स्वयं दौरा करेंगी तो आप देखेंगी कि शिक्षक शिक्षिकाऐं एकान्त में बैठकर चाय की चुसिकयों का मजा लेते हैं और जब कोई छात्र उन्हें टोकता है तो उस पर कार्यवाही कराने की धमकी देती हैं। पत्र में उन्होंने 48 घण्टे के भीतर पूरे प्रकरण की जांच कर टयूशन खोरी व चाय की चुस्की लेने वाले शिक्षक/शिक्षिकाओं पर तत्काल कार्यवाही कर निलम्बित छात्रों को बहाल करने की मांग की है। छात्र नेता अमित गोस्वामी ने कहा है कि एक तरफ कॉलेज प्रॉक्टोरियल बोर्ड कैम्पस में छात्र/छात्राओं को एक साथ बैठने पर आपत्ति उठाता है लेकिन बीसीए, बीबीए विभाग में शिक्षक/शिक्षिकाओं द्वारा कक्षाओं को लेने की बजाये एकान्त में बैठकर चाय का मजा लेते हैं, तो प्रॉक्टोरियल बोर्ड कोई कार्यवाही नहीं करता। यदि 48 घण्टे में उक्त शिक्षक/शिक्षिकाओं पर कार्यवाही होते हुए छात्रों का निलम्बन वापस नहीं लिया तो प्राचार्य कार्यालय का दमदारी से घेराव किया जायेगा।

छात्रों का निष्कासन गलत: सपा छात्रसभा
धर्म समाज महाविद्यालय में छात्र/छात्राओं का निष्कासन बेवजह एवं बेबुनियादी है। इससे छात्रों का मनोबल कम हो रहा है। समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष आज कॉलेज द्वारा निष्कासित छात्रों से मिले जिस पर छात्रों ने किसी प्रकार की कोई अभद्रता अध्यापिका से नहीं की। जबकि मुख्य विषय अध्यापिका द्वारा कोचिंग कराने के दवाब में विद्यार्थियों को परेशान करते हैं। जिस पर तंग आकर बच्चे स्वयं ही कोचिंग ज्वाइन कर लेते हैं। बीबीए में जो छात्र अपने विषयोंं की पढ़ाई बाहर कोचिंग में करते हैं और डीएस कॉलेज के अध्यापक से पढ़ते हैं, उन पर किसी प्रकार का कोई दवाब नहीं होता है। जैसा कि दो दिन में छ: छात्र/छात्राओं को निष्कासित कर दिया गया है जिस पर उनकी गलती सीट पर बैठने को लेकर एवं क्लास में हंसने से सम्बन्धित वाद था जिस पर छ: छात्र छात्राओं को निलम्बित कर दिया गया। यह बहुत ही निन्दनीय है।

Updated : 2016-03-13T05:30:00+05:30
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