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हाईकोर्ट ने दिया तालाब से अतिक्रमण हटाने का आदेश

झाँसी । कस्बे की आबादी के मध्य स्थित ऐतिहासिक सार्वजनिक तालाब के बांध पर लोगों ने नाजायज कब्जे करके उस पर निर्माण कर लिये है। इधर एक समाजिक संस्था की तरफ से हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस दिलीप गुप्ता व अहमद ने डीएम झांसी व एसडीएम गरौठा से तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए हैं।
तालाब पर अतिक्रम हटाने के लिए नगर पालिका के पार्षदों, नगर की सामाजिक संस्थाओं और नगर वासियों ने वर्ष 2003 से अनवरत 2015 तक अधिशासी अधिकारी, उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, अध्यक्ष राजस्व परिषद, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री तक से नगर की धार्मिक, सांस्कृति और सामाजिक धरोहर तालाब और उसके बांध पर हुये अतिक्रमण तथा गंदगी,तालाब की खुदाई, टूटे पड़े घाटों की मरम्मत तथा सुन्दरीकरण के लिए अनेकों बार लिखित एवं धरना, प्रदर्शन के माध्यम से गुहार लगाई गई। मगर शासन, प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आश्वासन मिलते रहे, मगर नतीजा शून्य रहा। हालात यह हो गए कि पचास हजार की आबादी वाले इस नगर में जल संकट उत्पन्न हो गया। कुआं सूख गये, हैंड पंप का जल स्तर नीचे चला गया। तालाब जो कि प्राचीन परपरांगत जल स्त्रोत था वह अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। नियम कानून का पालन न होने से नगरवासियों में शासन, प्रशासन के प्रति अविश्वास की भावना पैदा हो गई। पानी की समस्या को दृष्टिगत रखते हुये तथा पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं लिये हुये तालाब बांध को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये नगर की समाजसेवी संस्था ने जन सहयोग से उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया और एक जनहित याचिका दाखिल की।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंड पीठ ने इसे गंभीरता से लेते हुए त्वरित आदेश दिया कि सार्वजनिक तालाब को अतिक्रमण से शीघ्र मुक्त कराया जाए। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता एवं न्यायमूर्ति अहमद ने नगर की समाजसेवी संस्था जन जागरण सेवा संस्थान द्वारा दाखिल की गई थी। जनहित याचिका पीआईएल पर सुनवाई करते हुए सचिव, भूमि एवं राजस्व उप्र शासन लखनऊ, जिलाधिकारी झांसी, उपजिलाधिकारी गरौठा को आदेशित किया है कि शीघ्र जांच कार्यवाही कर अतिक्रमण हटाया जाए। संस्था के अध्यक्ष अभय त्रिपाठी एवं महामंत्री रामभरोसे पेंटर ने बताया कि लखनऊ, झांसी और गरौठा संबंधित अधिकारियों को उच्च न्यायालय की संपूर्ण प्रति उचित माध्यम से भेज दी गई है। अब जनता को न्यायालय के आदेश को अमल में लाने की कार्यवाही का इंतजार रहेगा, क्योंकि नगर में भीषण जल समस्या है। अनेकों वार्डों के लोग टैंकरों से पानी खरीद कर अपना काम चला रहे है। संस्था के पदाधिकारी मनोज बुधौलिया, अशोक सेन, धर्मपाल सिंह परमार, जेजे मिश्रा, राजेन्द्र सोनी, सुरेश जैन, राजेश सोनी, नरेन्द्र सोनी सहित नगरवासियों ने उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत कर हर्ष व्यक्त किया है। संस्था के अध्यक्ष अभय त्रिपाठी ने कहा कि नगर में पानी की कमी को दूर करने के लिए संस्था अनवरत मुहिम जारी रखेगी।

Updated : 2016-02-04T05:30:00+05:30
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