Top
Home > Archived > हरिजन धर्मशाला सील

हरिजन धर्मशाला सील

प्रशासन ने की न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई
अशोकनगर। शहर के स्टेशन रोड़ पर स्थित धर्मशाला पर विगत कई वर्षांे से हो रहे निजी उपयोग को प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट के आदेश के बाद रुकवा दिया गया। स्टेशन रोड़ स्थित हरिजन धर्मशाला का निजी तौर पर उपयोग विगत कई वर्षों से समाज के एक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। इस मामले का प्रकरण हाईकोर्ट ग्वालियर में प्रचलित रहा। हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को तहसीलदार आलोक वर्मा, नगर निरीक्षक आरबीएस सिकरवार द्वारा एसडीएम इच्छित गढ़पाले के आदेश पर कार्रवाई करते हुए धर्मशाला की सभी दुकानों को सील बंद कर दिया। दो मंजिला इस धर्मशाला का उपयोग समाज के एक व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत तौर करते हुए इसकी कई दुकानों को किराये पर लगाने के साथ-साथ खुद व खुद उपयोग किया जा रहा था। इसी तरह धर्मशाला के दूसरी मंजिल पर कई किराये दार रखते हुए पारिवारिक लोगों द्वारा भवन का उपयोग निजी तौर पर किया जा रहा था। उच्च न्यायालय ग्वालियर की खण्डपीठ द्वारा वर्ष 2002 में ट्रस्ट को भंग कर दिया गया। जब से इस मामले की फाइल दबी रही और अब यह मामला न्यायालय के संज्ञान में आया तो एसडीएम द्वारा न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए धर्मशाला को खाली कराने का आदेश तहसीलदार को दिया गया। जिसके तहत दोपहर को तहसीलदार आलोक वर्मा पुलिस बल के साथ हरिजन धर्मशाला पहुंचे। जहां उन्होंने धर्मशाला में रह रहे दुकानदारों एवं किरायेदारों को मामले की जानकारी से अवगत कराते हुए तत्काल दुकानें खाली करने का आदेश दिया। इस दौरान कई दुकानदारों द्वारा मामले की पूर्व में कोई सूचना न होने तथा कुछ समय देने मांग की गई लेकिन न्यायालय कार्रवाई का जिक्र देते हुए तुरंत ही दुकानों के अंदर से सामान हटाने की बात कही। और सभी दुकानदारों ने दुकानों के अंदर से अपना सामान हटाकर बाहर रख दिया। करीब दो से ढाई घण्टे तक चली इस कार्रवाई के बाद तहसीलदार द्वारा सभी दुकानों में ताले लगाते हुए उन्हें सील कर दिया गया।
आवास भी होगा खाली:
कार्रवाई करने पहुंचे तहसीलदार आलोक वर्मा ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर सम्पूर्ण धर्मशाला को मुक्त कराया जाना है। नीचे की पांच दुकानों से मुक्त करा कर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं ऊपरी मंजिल पर आवास क्षेत्र को खाली कराने के लिए आगामी दो दिन का समय दिया गया है।
न्यायालय के परिपालन में कर्रवाई:
माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर के परिपालन में हरिजन धर्मशाला से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई है।
आलोक वर्मा
तहसीलदार अशोकनगर

Updated : 2016-02-02T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top