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पिंटो पार्क चौराहा पर तोडफ़ोड़, हंगामा

शंकर का शव रखकर परिजनों ने किया चक्काजाम

ग्वालियर। श्ंाकर की हत्या से गुस्साए परिजनों ने उसका शव पिंटो पार्क चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इसके साथ ही यहां हंगामा करते हुए दुकानों और वाहनों की तोडफ़ोड़ भी कर दी। हंगामें की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया। इधर क्षेत्र में अभी भी तनाव बरकरार है।
गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित गायत्री बिहार मे बीते रोज लालसिंह उसके बेटे मंगलसिंह और शंकर पर बदमाशों ने तबाड़तोड़ गोलियां चलाकर श्ंाकर की हत्या कर दी थी। इसके बाद आज मृतक के परिजनों ने दोपहर को श्ंाकर का शव पिटोंपार्क चौराहे पर रख कर चक्का कर दिया। इस दौरान उन्हें वहां जो भी दिखाई दिया उसके साथ मारपीट की ओर पथराव कर वाहनों और दुकानों में तोडफ़ोड़ भी कर दी। यह देख दुकानदारों नें अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और चौराहे पर तनाव हो गया। उत्पात मचा रहे लोगों ने जमकर हंगामा किया जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर चक्काजाम से सड़क पर वाहनों की कतारें लग गर्इं। प्रदर्शनकारियों ने टेम्पो को रोककर उसकी तोडफ़ोड़ कर दी तो वहीं सड़क से गुजर रहे अन्य वाहनों में भी तोडफ़ोड़ की। उपद्रव की सूचना मिलते ही पुलिस मौके परपहुंच गई और उपद्रवियों को समझाकर किसी तरह शांत कराया। पुलिस ने उन्हें बताया कि चार आरोपी और पकड़ लिए गए हैं। एक घंटे तक चौराहे पर हंगामा करने वालों ने तोडफ़ोड़ और दुकानों को बंद करा दिया। पुलिस ने वारदात के बाद ही सोनू राजावत और आशीष राठौर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने दिन भर छापामार कार्रवाई करते हुए अजीत गुर्जर, देशराज गुर्जर, रामू गुर्जर्र जितेन्द्र गुर्जर को दबोच लिया। पुलिस का इस सम्बध में कहना है कि कॉलोनी में अभी तनाव है और पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से दोनो पक्षों के घर पर पुलिस का पहरा है। अभी हत्या के दो आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। पुलिस मामले पर नजर रखे हुए है।


पिता को मलाल, भाई पछता रहा है
श्ंाकर को घेरकर जिस समय आरेापियो ने गाली मारी थी उस समय लालसिंह के पास बंदूक थी। पिता लालसिंह को अपने बेटे श्ंाकर की गोली मारकर हत्या हो जाने पर मलाल हो रहा है और बार -बार एक ही बात याद आ रही है कि हथियार होने के बाद भी वे अपने बेटे को नहीं बचा पाए। वहीं बड़े भाई मंगलसिंह की आंखों के सामने से वह दृश्य नहीं हट रहा है जबकि हमलावर घेरकर श्ंाकर के शरीर मे गोलियां दाग रहे थे। पिता पुत्र होने के बाद भी श्ंाकर की हत्या करके बदमाश निकल गए थे। सूत्र बताते हैं कि घर में श्ंाकर तेजतर्रार था और वह लड़ाई-झगड़े में अक्सर आगे रहता था। हमलावरों का निशाना भी शंकर ही था।
कभी भी हो सकती है गैंगवार

श्ंाकर की हत्या के बाद पुलिस को डर है कि कहीं दोनो पक्षों में गैंगवार न हो जाए। जिस ढंग से श्ंाकर को घेरकर मौत के घाट उतारा गया है उसके बाद इससे इंकार नहीं कियाजा सकता। फिलहाल कॉलोनी में तनाव को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है।

Updated : 16 Feb 2016 12:00 AM GMT
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