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केडी हॉस्पिटल में शबाना को मिली नई जिन्दगी

मथुरा। केडी मेडिकल कॅालेज-हास्पिटल और रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने लगभग चार घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्राम हाथिया निवासी शबाना पत्नी अत्तू (22) के गर्भाशय के ऊपरी सतह की बांई ट्यूब से आपरेशन के जरिए नसों से चिपकी गांठ निकालने में सफलता हासिल की है।

पेट दर्द से परेशान शबाना को कई बार अल्ट्रासाउण्ड कराने के बाद भी उसकी असली परेशानी का पता नहीं चल पाया। वह जहां भी जाती कोई डॉक्टर उसके गर्भाशय के ऊपरी हिस्से की बांई ट्यूब में बच्चा तो कोई पेट में पानी या इंफेक्शन बता रहा था। लगातार दवाइयों के सेवन के बाद भी उसे दर्द से निजात नहीं मिली। आखिर में वह केडी मेडिकल कालेज-हास्पिटल और रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ चिकित्सक से मिली। शबाना का अल्ट्रासाउण्ड कराने के बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया। आखिरकार डाक्टरों ने शबाना की परेशानी दूर करने के लिए उसके पेट को खोलने का निर्णय लिया।

केडी हॉस्पिटल के डा. केके गुप्ता, डा. ऊषा वत्स, डा. हरविन्दर सिंह, निश्चेतना विशेषज्ञ डा. सोनी जसूजा और तकनीकी टीम के सदस्य नवल, हंस कुमारी, योगेश एवं नाहर सिंह की टीम ने ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉक्टरों ने कोई चार घण्टे की कोशिशों के बाद आंतों से फंसी गांठ को निकालने में सफलता हासिल की। डा. केके गुप्ता का कहना है कि शबाना आंतों के क्षय रोग से भी पीडि़त है। उसके गर्भाशय के ऊपरी हिस्से की बांई ट्यूब में जो गांठ थी उसे नसों ने बुरी तरह से जकड़ रखा था लिहाजा ऑपरेशन में काफी दिक्कत हुई। अब शबाना अपने आपको पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रही है।

केडी मेडिकल कालेज-हास्पिटल और रिसर्च सेण्टर के चिकित्सकों की इस सफलता पर आरके एजूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने खुशी जताते हुए बधाई दी और कहा कि पीडि़त की पीड़ा हरना ही डाक्टरों का कर्तव्य है। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने शबाना की उचित-देखभाल के निर्देश देते हुए कहा कि यहां जो भी मरीज आए वह स्वस्थ होकर ही जाए यही हमारा प्रयास है।

Updated : 2016-12-09T05:30:00+05:30
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