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सिविल अस्पताल में भी नहीं हो रही डेंगू की जांच

सिविल अस्पताल में भी नहीं हो रही डेंगू की जांच


ग्वालियर, न.सं.। जहां एक ओर शहर में डेंगू चिगनगुनिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, वहीं मरीजों को जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा हैं। डेंगू, चिकनगुनिया सहित अन्य जांचों के लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि किला गेट रोड स्थित सिविल अस्पताल में भी सीबीसी की जांच नहीं होने से मरीज परेशानी में हैं। उधर महलागांव क्षेत्र में टीम को सर्वे के बाद भी 48 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है।
उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 500 से 700 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन सिविल अस्पताल में न तो मरीजों को समय पर उपचार मिल पाता है और न ही जांचें हो पाती हैं। इस अस्पताल में बुखार के मरीजों की भी सीबीसी की जांच नहीं हो पा रही है, इसके लिए मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। इन दिनों डेंगू,चिकनगुनिया के कारण चिकित्सकों द्वारा मरीजों की सीबीसी की जांच करवा कर प्लेटलेट्स चेक की जाती हैं।

निजी अस्पतालों में जांच कराने को मजबूर मरीज
शनिवार को सिविल अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे अनिरूद्ध ङ्क्षसह ने बताया कि उन्हें दो दिनों से बुखार आ रहा था, चिकित्सक ने खून की जांच के लिए कहा है लेकिन सिविल अस्पताल में जांच न करते हुए उन्हें जिला अस्पताल जाने के लिए कहा गया, जिसके चलते वह अब निजी पैथोलॉजी पर ही जांच कराएंगे। शहर में हर दिन बुखार के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन समय पर जांचे नहीं होने से मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।

सर्वे के बाद भी मिला 48 घरों में लार्वा
मलेरिया विभाग द्वारा शहर में लगातार डेंगू के लार्वा का सर्वे किया जा रहा है, लेकिन विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे के बाद भी शनिवार को जब भोपाल से आए स्वास्थ्य विभाग के कल्संन्टेट सतेन्द्र पाण्डे ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में टीम द्वारा दोबारा सर्वे कराया गया तो 48 घरों में डेंगू का लार्वा मिला। श्री पाण्डे ने महलगांव के लगभग 185 घरों का डेंगू लार्वा सर्वे कराया, जिसमें 48 घरों में लार्वा मिला है।

निगमायुक्त को लिखा पत्र
नगर निगम द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सहयोग न मिलने से परेशान जिला मलेरिया अधिकारी मनोज पाटीदार ने निगमायुक्त अनय द्विवेदी को पत्र लिखा हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि नगर निगम के दल द्वारा शहर में फॉगिग और अन्य कामों में उन्हें सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उल्लेखनीय है कि शहर में मच्छर जनित बीमारियां लगातार बढ़ रहीं हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा शहर में फॉगिंग नहीं कराई जा रही है।

डेंगू की जांच भी नहीं मिल रही समय पर
वहीं डेंगू,चिकनगुनिया की जांचे भी मरीजों को समय पर नहीं मिल पा रहीं हैं। यह जांच गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में की जाती है, जिसके चलते शासकीय अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की जांच के लिए खून का सैंम्पल निकाल कर जीआरएमसी भेजा जाता है, और जीआरएमसी में जब तक 50 से ऊपर सैंपल नहीं पहुंचते तब तक जांच नहीं की जाती, जिसके चलते मरीजों को डेंगू की जांच के लिए कम से कम दो दिन का इंतजार करना पड़ता है।

Updated : 2016-10-09T05:30:00+05:30
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