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दान-पुण्य कर मनाई मकर संक्रांति

सूर्योदय के साथ आज भी मनाया जाएगा पर्व,मांगलिक कार्य होंगे शुरू

ग्वालियर। मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों में संशय बना रहा। कुछ लोगों ने मकर संक्रांति पर्व गुरूवार मनाया और पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया। पशुओं को चारा, पक्षियों को दाना और निर्धनों को भोजन व वस्त्र दान स्वरूप भेंट किए।
इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने तिल के लड्डू और गजक बांटकर पुण्य किया। शहरभर में लोग गायों को चारा खिलाते नजर आए। मंदिरों में पूड़ी-सब्जी और गुड़ की गजक बांटी गई। इस बार मकर संक्रंाति पर्व 15 जनवरी को भी मनाया जाएगा। सुबह हिंदू श्रद्धालुओंं ने अघ्र्य देकर सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर शहर के अचलेश्वर, कोटेश्वर सहित विभिन्न देवालयों में भी पूजा अर्चना के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। घरों में महिलाओं ने अग्नि पर तिल-तड़का कर मकर संक्रांति पूजन की परंपरा निभाई । महिलाओं ने शंकर-पार्वती की पूजा-अर्चना कर खिचड़ी व सुहाग प्रतीकों को मनस कर सास, ननद और जेठानी को भेंट किया। पूजा अर्चना के बाद महिलाओं ने बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर घरों में पारम्परिक व्यंजन तिल कुट्टा व तिल के लड्डू बनाए गए।
सूर्यदेव कराएंगे शुभ कार्य शुरू
ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी ने बताया कि सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य उत्तरायण होने के साथ ही देवताओं के दिन भी शुरू हो जाएंगे। देवताओं के दिन की शुरूआत का पहला दिन मकर संक्राति शुभ कार्यो के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
शुक्रवार को सुबह से शाम तक रहेगा पुण्यकाल
ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी ने बताया कि संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी शुक्रवार को सूर्योदय से सायंकाल 5.26 मिनट तक रहेगा। गुरूवार की अद्र्धरात्रि के बाद 1.26 बजे मकर राशि में प्रवेश करेगा। पुण्यकाल में तीर्थ स्थान, दान, जाप, हवन, गौदान का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्यदेव अपनी राशि बदलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति पर तिल का लेप लगाकर स्नान करने के अलावा दान पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
खूब बिकी गजक
मकर संक्रांति के चलते शहर भर में गुरूवार के दिन करीब लाखों रुपए की गजक का कारोबार हुआ। गजक कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार कुछ लोग 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाएंगे ऐसे में शुक्रवार के दिन भी गजक की जमकर बिक्री होने की संभावना है। बाजार में इस समय गजक की कई वैरायटियां उपलब्ध हैं। रोल गजक,तिली के लड्डू, गजक की बर्फी, गजक के समोसे गजक का हलुवा आदि बाजार में 250 से 300 रुपए किलो के दाम पर बिकीं। सबसे ज्यादा बिक्री गुड़ की गजक की हुई। यह गजक औसतन 180 रुपए किलो के हिसाब से बिकी। इसी भाव में दूसरे नंबर पर शक्कर की सादा गजक की बिक्री हुई।

Updated : 2016-01-15T05:30:00+05:30
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