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सीएमएचओ ने दो नेत्र सहायकों की वेतनवृद्धि रोकी

दो मरीजों को भेजा जाएगा ग्वालियर, लेकिन लापरवाही से इंकार

श्योपुर। बुधवार शाम स्वास्थ्य संचालक श्योपुर पहुंचे संचालक के श्योपुर पहुंचने से पूर्व ही सीएमएचओ प्रदीप मिश्री ने आनन-फानन में दो नेत्र सहायकों की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए थे।
स्वास्थ्य संचालक ने खबरनवीशों से बातचीत में बताया कि प्रारम्भिक तौर पर मुझे जो जानकारी उपलब्ध कराई गई है उससे बड़ी गड़बड़ी का तो कोई अंदाजा नही लगाया जा सकता लेकिन हां दो मरीज ऐसे जरूर पाए गए हैं जिनकी रोशनी गई है जिन्हे ग्वालियर विश्ेाषज्ञों से लेजर आपँरेशन के लिए भेजा जाऐगा सम्भवतया उनकी भी रोशनी जल्द आ जाएगी। यदि दो मरीजों की आंखों में कमी स्वास्थ्य संचालक को भी मिली ओर उन्हे ग्वालियर भेजा जा रहा है तो फिर ओर लापरवाही कैसे होती है?
जैसे ही जिला चिकित्सालय में टांके कटवाने पहुंचे लोगों ने बताया कि उनकी रोशनी चली गई या धुंधला दिखाई दे रहा है की बात पर हड़कम्प मचा हुआ है। मरीजों के आंखों की दोबारा जांच करने के लिए मंगलवार को नेत्र चिकित्सकों की एक चार सदस्यीय टीम ग्वालियर से श्योपुर पहुंची और आज संचालक के पहले भोपाल से भी टीम के श्योपुर पहुंचकर मरीजों का चेकअप की बात संचालक स्वास्थ्य ने कही।
बड़वानी के बाद नेत्र ऑपरेशन के बाद आंखों की ज्योति जाने की गम्भीर चूक का मामला श्योपुर में देखने में आ रहा है हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी इसे चूक मानने से कतरा रहे हैं और कहते नजर आ रहे हैं कि जल्द ही सबकी रोशनी आ जाएगी। मंगलवार को 27 लोगों में से चार लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो देने व 18 मरीज आंखों मेेंं धुंधलापन आ जाने की बात ग्वालियर टीम के चेकअप के बाद कही थी। यहां बता दें कि विगत 28 नवंबर को जिला अस्पताल परिसर में आयोजित हुए निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में 66 लोगों ने मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाया था।
सोमवार को टांके कटवाने के लिए सभी मरीज जिला अस्पताल में एकत्रित हुए। जिनमेें से पांच मरीजों की चिकित्सकों की लापरवाही के चलते अपनी आंखों की रोशनी चली जाने व दो दर्जन को आंखों से धुंधला दिखाई देने की बात सामने आई। गंभीर हालात को देखते हुए आनन-फानन में सीएमएचओ ने मंगलवार को ग्वालियर से नेत्र चिकित्सकों की टीम बुलवाकर पुराने अस्पताल भवन में पुन: मरीजों की जांच कराई।
नौ मरीजों ने चर्चा के दौरान बताया कि उन्हें पूर्व में आंखों से थोड़ा बहुत दिखाई देता था, लेकिन ऑपरेशन के बाद से ही उन्हें आंखों से पूरी तरह से दिखना बंद हो गया है। वहीं जांच के लिए आए शेष 18 मरीजों ने आंखों में धुंधलापन आने के कारण साफ दिखाई नहीं देने की बात कही। हालांकि चिकित्सकों की टीम इस बात का दावा कर रही है कि एक भी मरीज को अंधत्व की समस्या नहीं है, चश्मा लगने के बाद सबको टीक दिखाई देने लगेगा।
लीपापोती में जुटे स्वास्थ्य अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग जहाँ आनन-फानन में दो सहायक नेत्र चिकित्सकों की वेतनवृद्धि रोक मामले को रफा-दफा करने में जुट गया है। वहीं मरीजों के परिजनों के हाल बेहाल है कि ऐसा ऑपरेशन हुआ जिससे दिखना ही बंद हो गया और किसी को दिख रहा है तो धुंधला सा। ऑपरेशन में आई खामी के कारण दोबारा अपनी आंखों की जांच कराने आए मरीज जहां बार-बार धुंधला दिखाई देेने की बात कहे जा रहे थे। वहीं ग्वालियर से नेत्र परीक्षण करने आए चिकित्सकों की टीम उन्हें जबरन अपने हाथों की उंगलियां दिखाकर उनके सफल ऑपरेशन का दावा कर रहे थे।
इनका कहना है
मुझे प्रारम्भिक तौर पर जो जानकारी उपलब्ध कराई है उसे देखकर अभी नहीं कहा जा सकता कि लापरवाही या बड़वानी जैसा कोई मामला है, हाँ दो मरीजों को लेजर ऑपरेशन के लिए ग्वालियर भेजा जाएगा जिससे संभवत: उनकी भी रोशनी लौट आएगी।
स्वास्थ्य संचालक भोपाल

Updated : 2016-01-14T05:30:00+05:30
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