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नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 10 बेहद खास बातें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 10 बेहद खास बातें
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के बारे में एक वेबसाइट बोसफाइल्स ने दावा किया है कि वे ताइपे हादसे में ही मारे गए थे। इस दावे से एक बार फिर उनकी मौत पर बहस छिड़ गई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ये 10 खास बातें भी जान लीजिए-
1. सुभाष चंद्र बोस ने जापान से मदद लेकर भारत को आजाद कराना चाहा लेकिन जापान विश्वयुद्ध में हार गया और सुभाष का सपना अधूरा रह गया। जापान की हार के तीन दिन बाद ही सुभाष का प्लेन क्रैश हो गया था।
2. सुभाष की मौत से शुरु हुआ विवाद आज तक नहीं सुलझ पाया है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी अक्सर दावा करते हैं कि सुभाष को स्टालिन ने मंचूरिया में गिरफ्तार करा लिया था और साइबेरिया की जेल में भेज दिया था जहां 1953 में उनकी मौत हुई थी। इस थ्योरी को मानने वाले लोगों की कमी नहीं है।
3. सुभाष की मौत से जुड़ी एक थ्योरी ये भी है कि वे ताइपे में ईंधन लेने के लिए रुके थे, दोबारा उड़ान भरते ही विमान क्रैश हो गया। बोस के साथ चल रहे कर्नल हबीबुर्रहमान के दावे के मुताबिक उन्होंने खुद बोस को आग की लपटों से घिरा देखा।
4. नेहरू के स्टेनोग्राफर श्याम लाल जैन की शाहनवाज जांच समिति के सामने दी गई गवाही भी अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। जैन ने कहा था कि नेहरू ने ब्रिटिश पीएम एटली को पत्र लिखाया था जिसमें उन्होंने स्टालिन के संदेश का जिक्र किया था। इस संदेश में कहा गया था कि बोस जिंदा हैं और रूस के कब्जे में हैं।
5. माना जाता है कि जापान के रिंकोजी मंदिर में रखी अस्थियां सुभाष चंद्र बोस की हैं। सुब्रमण्यम स्वामी के मुताबिक जापान वह अस्थियां देने को राजी थी लेकिन उसने डीएनए टेस्ट ना कराने की शर्त रखी थी।
6. आज सेना और पुलिस में 'जय हिंद' कहकर अभिवादन किया जाता है। ये नारा सुभाष चंद्र बोस ने ही दिया था। इसके अलावा उनके द्वारा दिया गया एक और नारा बहुत प्रसिद्ध हुआ था- तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
7. सुभाष चंद्र बोस आईसीएस बन गए थे। उस वक्त आईसीएस बनना ऐसा ही माना जाता था जैसा आज की तारीख में आईएएस बनना। लेकिन सुभाष ने कहा कि मैं अंग्रेजों का गुलाम बन कर नहीं रह सकता और उन्होंने आईसीएस से त्यागपत्र दे दिया।
8. सुभाष चंद्र बोस ने प्रेम विवाह किया था। उनकी पत्नी एमिली ऑस्ट्रिया की निवासी थीं। सुभाष उन दिनों ऑस्ट्रिया में थे और उन्हें एक टाइपिस्ट की ज़रूरत थी। ऐसे में उनके एक मित्र से उनकी मुलाकात एमिली से कराई थी।
9. गांधी जी और सुभाष बाबू के रिश्तों पर भी अक्सर चर्चा होती है। एक थ्योरी ये है कि दोनों के रिश्ते बहुत अच्छे थे और दूसरी ये कि दोनों के रिश्तों में तनाव था। खास बात ये है कि गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर सुभाष ने ही पुकारा था। हालांकि सुभाष, गांधी जी के कुछ तरीकों को पसंद नहीं करते थे।
10. अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए सुभाष ने एक फौज बनाई जिसका नाम उन्होंने आजाद हिन्द फौज रखा। उन्होंने अंग्रेजों के दुश्मन देशों से दोस्ती करने में भी कोई गुरेज नहीं किया। इसके लिए उन्होंने हिटलर से भी मुलाकात की।

Updated : 2016-01-10T05:30:00+05:30
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