Home > Archived > बीमारियों ने पसारे पैर, चरमराई व्यवस्थाएं

बीमारियों ने पसारे पैर, चरमराई व्यवस्थाएं

अशोकनगर | मौसमजन्य बीमारियां जिलेभर में पैर पसार रहीं हैं। जिससे उल्टी-दस्त, बुखार व मलेरिया के साथ डेंगू के मरीज सामनेें आ रहे हैं। बड़ी संख्या में रोगियों के जिला अस्पताल उपचार के लिये आने से व्यवस्थाएं लडख़ड़ा गईं हैं। वार्डो में भर्ती मरीजों की संख्या पलंगों के हिसाब से कहीं ज्यादा अधिक सामनें आई है.तो रोगियों को जमीन पर लेटकर तो कहीं एक-एक पलंग पर दो-दो मरीजों को उपचार के लिये मजबूर देखा जा रहा है।
ऐसे में अस्पताल प्रबंधन मरीजों की बड़ रही संख्या को देखते हुए सुविधाएं और संसाधन जुटा पाने में लाचार खड़ा दिखाई देता है। वैसे भी जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद पूरी तरह न भरे जानेें के कारण भी मरीजों को घण्टों कतार में खड़े होकर स्वास्थ्य परीक्षण करानें चिकित्सकों के कक्षों के बाहर खड़े रहने की मजबूरी में देखा जा रहा है। गुरूवार को जिला अस्पताल के पुरूष वार्ड में 22 पलंग हैं लेकिन 62 मरीज उल्टी-दस्त के आने से भर्ती किये गये। तो वहीं महिला वार्ड में 21 पलंगों के विरूद्ध 45 मरीज पाये गये। ऐसे ही कुछ हालात शिशु वार्ड में सामनें आए हैं.जहां 13 पलंगों के विरूद्ध 45 शिशु रोगी भर्ती थे। उक्त वार्डो में मरीजों का हो रहा इजाफा,अस्पताल प्रबंधन पर भारी पड़ रहा है.शहर के रोगियों के साथ-साथ जिलेभर की विभिन्न अस्पतालों से रैफर होकर आने वाले मरीजों की संख्या ही लगभग इनदिनों दुगुनी आंकी जा रही है। जिले में डेंगू की दस्तक:
वैसे तो सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और मलेरिया के साथ मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। इन्हीं सबके बीच डेंगू जैसे जानलेवा बीमारी के रोगी भी पाये गये हैं। जिनके रक्त परीक्षण में डेंगू के लक्षण पाये जानें पर उच्च उपचार के लिये इन्हें भोपाल रैफर किया है। शहर के आजाद मोहल्ला, बोहरे कॉलोनी, गणेश कॉलोनी सहित अन्य भागों में डेंगू जनित बुखार से पीडि़त रोगी सामनें आए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामवीरसिंह रघुवंशी ने बताया कि शहर में मलेरिया पीडि़तों की संख्या विगत रोज तक 224 पाई गई थी। जिनमें डेंगू के लक्षण पाये गये, उनकी संख्या 6 है ब्रिजकुमार, अजय, सुखङ्क्षवंदर, मोनू व अजातशत्रु, नेहा के बुखार परीक्षण के दौरान डेंगू के लक्षण पाये गये हैं।
चिकित्सकों पर काम का दबाव:
जिला अस्पताल के स्वीकृत पद चिकित्सकों के लिये पूरी तरह न भरे जानें से इनदिनों बीमारियों के बढऩे से डॉ. डीके जैन, डॉ.संतोष रघुवंशी, डॉ.श्रीमति रजनी छारी, डॉ.संदीप जैन, डॉ नटवरसिंह आदि डॉक्टरों पर इनदिनों रोगियों के उपचार परीक्षण व देखरेख का दबाव बढ़ गया है। गुरूवार को सैकड़ों की संख्या में मरीज जिला अस्पताल के बरामदे में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। उक्त डॉक्टर इनदिनों अपना अधिकांश समय वार्डों में भर्ती मरीजों व ओपीडी में आने वाले रोगियों के उपचार में दे रहे हैं। जिससे उक्त व्यवस्थाओं में पदस्थ ड्यूटी डॉक्टरों पर अतिरिक्त भार होने की बात सामनें आई है।

Updated : 2015-09-04T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top