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भारत के प्रति पुरानी सोच को अब बदलने के लिए मजबूर है दुनिया: मोदी

भारत के प्रति पुरानी सोच को अब बदलने के लिए मजबूर है दुनिया: मोदी
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सैन होजे | अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैन होज़े के सैप सेंटर में प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरे विश्‍व में भारत की नई पहचान बनी है। भारत के प्रति पुरानी सोच को बदलने के लिए दुनिया को मजबूर होना पड़ा, उसका कारण आपकी उंगलियों का कमाल है। आपने कंप्‍यूटर के की-बोर्ड पर उंगलियां घुमाकर दुनिया को हिंदुस्‍तान की नई पहचान दिलाई है। आप यहां बैठे-बैठे दुनिया को बदलने के लिए मजबूर कर रहे हैं और जो बदलना नहीं चाहता वह 21 वीं शताब्‍दी में असंगत हो जाएगा। लगभग 18 हज़ार भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मोदी ने अपने भाषण की शुरुवात गुड इवनिंग कैलिफोर्निया से की I सभागार में मौजूद भारतीयों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप लोगों का उत्‍साह देखते ही बनता है। भारत में आज 28 सितंबर है, भारत मां के वीर सपूत शहीद भगत सिंह की जयंती है। उन्‍हें कोटि-कोटि प्रणाम। पीएम मोदी के साथ लोगों ने 'वीर भगत सिंह अमर रहे' के नारे लगाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में एक से बढ़कर एक ब्रेन की फसल होती है। ब्रेन ड्रेन नहीं, ब्रेन डिपॉजिट हो रहा है। डिपॉजिट ब्रेन का भारत इंतजार कर रहा है। जिस दिन मौका मिलेगा, ब्‍याज समेत ये ब्रेन 'मां भारती' के काम आएगा। ये ब्रेन ड्रेन नहीं, बहुमूल्‍य डिपोजिट है। अगर इतिहास के झरोखे से देखें तो 19वीं सदी में हमारे सिख भाई यहां आए और यहां हिंदुस्‍तान की पहचान बनाई। जब देश में आपातकाल लगा और लोकतंत्र पर दोबारा खतरा आया तो देश के नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया, ना‍गरिकों से उनके अधिकार छीन लिए गए, उसके बाद जो आंदोलन चला उसका नेतृत्‍व जयप्रकाश नारायण कर रहे थे। जेपी इसी कैलिफोर्निया में पढ़ाई करने आए थे। भारत का नाता इस क्षेत्र के साथ अभिन्‍न, अटूट रहा है। यही वजह है आपसे मिलकर प्रसन्‍नता होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह दिल्‍ली में 16 महीने पहले अजनबी की तरह आये थे। मुझे संसद तक जाने के लिए किसी की मदद लेनी पड़ती थी। मुझे सवा सौ करोड़ भारतवासियों ने एक जिम्‍मेदारी दी, जिसे मैं पूरा करने का प्रयास कर रहा हूं। आज पूरे विश्‍व में दुनिया के
किसी भी कोने में जाइये, भारत को एक नई आशा और विश्‍वास के रूप में देखा जा रहा है। यह चर्चा चल रही है 21 वीं सदी किसकी है, और हर कोई मानता रहा है कि 21 वीं सदी एशिया की है, लेकिन अब लोग कह रहे हैं कि 21 वीं सदी भारत की है और आज दुनिया इसे मानने लगी है। यह बदलाव मोदी-मोदी के कारण नहीं आया, यह बदलाव सवा सौ करोड़ भारतवासियों के संकल्‍प से आया है। देशवासियों ने ठान ली है कि अब हिंदुस्‍तान पीछे नहीं रहेगा और जब जनता संकल्‍प करती है तो ईश्‍वर का भी आर्शीवाद मिलता है। सारी दुनिया जो कल तक हिंदुस्‍तान को हाशिए पर देखती थी, आज देश को केंद्र बिंदु के रूप में देख रही है। कभी भारत विश्‍व के साथ जुड़ने के लिए अथाह परिश्रम करता था, लेकिन आज ऐसा वक्‍त बदला कि दुनिया हिंदुस्‍तान से जुड़ने को लालायित है। यह जो विश्‍वास का वातारण पैदा हुआ है, यही देश को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तकनीक की वजह से कोई छिपा नहीं रह सकता और इसकी वजह से आपको भारत की बारीक खबरें भी पता रहती हैं। आप यहां बैठकर हिंदुस्‍तान को ज्‍यादा बारीकी से देखते हैं। आपको सब पता रहता है कि मोदी ने क्‍या किया, मोदी क्‍या कर रहा है। मैं परिश्रम करने में कोई कमी नहीं रखूंगा। सवा सौ करोड़ देशवा‍सियों ने मुझे जो जिम्‍मेदारी दी है, इसके लिए पल-पल और शरीर का कण-कण शत प्रतिशत काम में लगाए रखूंगा। आज 16 महीने के बाद मुझे आपका सर्टिफिकेट चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे देश में नेताओं पर भ्रष्‍टाचार के जल्‍द आरोप लग जाते हैं। सुनने में आता है... दामाद ने एक हजार करोड़ बनाया। इससे देश निराश हुआ और भ्रष्‍टाचार से नफरत पैदा हुई। मैं आज आपके बीच खड़ा हूं, बताइये मुझ पर कोई आराेप है क्‍या? मैं विश्‍वास दिलाना चाहता हूं, हम जिएंगे और मरेंगे देश के लिए। हमारा देश शक्ति और सामर्थ्‍य से भरा हुआ है। मेरा देश जवान है और इसलिए वह आगे बढे़गा। भारत की 65 फीसदी जनसंख्‍या 35 साल से कम उम्र की है, तो वह क्‍या नहीं कर सकता। अब भारत पीछे नहीं रह सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ वक्‍त पहले ब्रिक्‍स में से इंडिया का 'आईI ' अपनी भूमिका अदा करने में दुनिया को कम नजर आता था, लेकिन आज दुनिया ने मान लिया है कि भारत पूरे दम खम के साथ खड़ा है। भारत के 15 महीने में विकास की नई ऊंचाईयों को छूने से विश्‍व में यह विश्‍वास कायम हुआ। विश्‍व बैंक ने भी मान लिया है कि सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍था भारत है। तमाम मुसीबतों के बावजूद भारत प्रगति की राह पर अग्रसर है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने नई पहचान बनाई है। हमारी पहले पहचान उपनिषद की थी, लेकिन आज भारत उपग्रह की चर्चा करने लगा है। पूरी दुनिया में भारत पहला देश है जो पहले ही प्रयास में मार्स मिशन में सफल हो गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा भी ऐसे ही हुआ' यानी वे इशारों-इशारों में कह रहे थे कि उन्‍होंने पहली बार में ही केंद्र में सरकार बनाने और खुद प्रधानमंत्री बनने में सफलता हासिल की। आज उपग्रह देश के काम आ रहे हैं। किसान से लेकर मछुआरों तक को इससे फायदा मिल रहा है। हमारी सरकार में 170 तरह के विभागों ने भी स्‍पेस तकनीक का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया है। तकनीक ने पूरी दुनिया को नई शक्ति दी है और हमने भी डिजिटल इंडिया का सपना संजोया है। आज भारत में गरीब से गरीब भी मोबाइल फोन रखता है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा, बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण कर पहले सरकार ने सारी चीजें अपने हाथ में ले ली थीं। जब मैं दिल्‍ली आया तो पाया कि हमारे देश के करीब आधे लोगों ने बैंक का दरवाजा तक नहीं देखा था। मैंने सौ दिन में सभी लोगों के बैंक में खाते खोलने का निर्णय लिया। उस अभियान का परिणाम यह आया कि 18 करोड़ नए बैंक खाते खुल गए, गरीब से गरीब का बैंक खाता खुल गया। हमने नियम बनाया कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना में जीरो बैलेंस से अकाउंट खुलेगा। मैंने इस दौरान गरीबों की अमीरी देखी तो सीना तन गया। हमारे देश के गरीबों ने 50-100-200 रुपया बचाकर 32 हजार करोड़ रुपये बैंक में जमा करवाए। देश के लोगों का मिजाज देखिए क‍ि गरीब से गरीब व्‍यक्ति भी देश के लिए कुछ करने को तैयार हुआ है। आधार कार्ड को लेकर कहा कि हमने इसे केंद्र बिंदु बनाया है।

Updated : 2015-09-28T05:30:00+05:30
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