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हड़ताल से बिगडऩे लगे है हालात

चौथे दिन भी जारी रही मध्यांचल ग्रामीण बैंक कर्मचारियों की हड़ताल

गुना। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे मध्यांचल ग्रामीण बेंक के कर्मचारियों की सामूहिक रुप से हड़ताल से अब हालात बिगडऩे लग गए है। ग्रामीण, किसान परेशान हो रहे है और शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित तमाम योजनाओं एवं कार्य मध्यांचल ग्रामीण बैंक के माध्यम से ही संचालित किए जाते है। पिछले 4 रोज से बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बैंकों में ताले लटके हुए है और ग्रामीण चक्कर लगा रहे है।
1600 कर्मचारी प्रभावित
हड़ताल के दौरान कर्मचारी हाट रोड स्थित शाखा के सामने धरने पर बैठे हुए है। इसी दौरान पत्रकार वार्ता में बताया गया कि हड़ताल मध्यांचल ग्रामीण बैंक ऑफीसर्स एंव एम्पलाईज एसोसिएशन सागर के तत्वावधान में हो रही है। पत्रकार वार्ता में दिलीप सक्सेना, सहित रबीन्द्र कुमार खरे, संतोष पंाडे, एसएन शर्मा, स्वदेश जैन आदि ने बताया कि उनकी मांगें नहीं मानते से कुल 12 जिलों की 427 शाखाओं के 1600 कर्मचारी प्रभावित हो रहे है। जिले में कुल 23 शाखा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन जारी रखा जाएगा। हड़ताली बैंक कर्मियों के अनुसार तानाशाही रवैए और मांगों को लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से उन्हे आंदोलन करना पड़ा है।
यह है मांगें
मांगों में बैंकों में लागू 10वां वेतन समझौते के अनुसार वेतन तथा बकाया राशि का भुगतान न देने, कार्यालय सहायकों को स्नातक वेतनवृ़ि़़द्ध 2010 से भुगतान न करना, अनुचित स्थानान्तरणनीति न बदलना आदि शामिल हैं।

Updated : 2015-09-18T05:30:00+05:30
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