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साहब, मजूरी की शराब पी जाते है मरद

जनसुनवाई में ठेका हटाने की मांग, किसानों ने दिखाईं खराब फसल

गुना। साहब, मजूरी के पैसे की शराब म्हारे मरद पी जाते है, फिर हमें घर चलाने के लिए दाने-दाने को मोहताज होना पड़ता है, इसलिए जरुरी है कि हमारे गांव से दारु का ठेका हटाया जाए। यह मांग राघौगढ़ ब्लॉक के गोरा गंाव की महिलाओं ने की। यह सभी महिलाएं आज जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर पहुँचीं थी। जावकी बाई, राममूर्ति, प्रेमबाई, पिंकी, कांति, खिलनबाई, कुसुमबाई आदि ने बताया कि वह सहरिया समुदाय से ताल्लुक रखतीं हैं। उनके गांव में दारु का ठेका है। जहाँ उनके मरद मजदूरी के पैसों की दारु पी जाते है। इसलिए उनके गांव से शराब के ठेके को हटाया जाए।
मीनू अनुसार नहीं दिया गया भोजन
ग्राम पंचायत रेझाई के सरपंच रघुराज सिंह ने बताया कि पिपरिया में मध्यान्ह भोजन मीनू अनुसार नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिससे बच्चे परेशानी का सामना कर रहे है। अत्यंत घटिया खाने बच्चों को दिया जा रहा है। इसी तरह पिपरोदा हार में भी मध्यान्ह भोजन के हाल बेहाल है और मीनु अनुसार भोजन प्रदाय नहीं किया जा रहा है।
स्वरोजगार योजना का नहीं मिल रहा लाभ
बमौरी में सहरिया जाति के लोगों को स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सिलावटी की महिलाओं गुलाबी बाई, बिलासबाई, धन्नोबाई, बटो बाई, रम्भा बाई, पीरी बाई, रामसुखी बाई आदि ने बताया कि प्रदेश शासन की योजना के अंतर्गत सहरिया वर्ग को 25 हजार का कर्ज उपलब्ध कराया जाता है। इसको लेकर दो माह पूर्व उन्होने आवेदन दिए थे, किन्तु अभी तक उन्हे योजनाओं का लाभ नहीं दिया गया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में किसान जनसुनवाई में खराब फसल लेकर पहुंचे। किसानों ने बताया कि उड़द जहाँ पीली पड़ गई है, वहीं सोयाबीन पर इल्ली का हमला हो गया है। जिससे फसल खराब हो रही है।

Updated : 2015-08-26T05:30:00+05:30
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