Latest News
Home > Archived > भारत-मिस्र द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर राजी

भारत-मिस्र द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर राजी

काहिरा | भारत और मिस्र ने अपने रिश्तों को नई गति देने के लिए सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक कार्रवाई, रक्षा और निवेश के अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय कार्ययोजना तैयार करने का फैसला किया है।
मिस्र दौरे के तहत यहां पहुंचीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को मिस्र के राष्ट्रपति फतह अल-सीसी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद से, खासतौर पर आईएस के खतरे से प्रभावी तरीके से निपटने की जरूरत पर जोर दिया और कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। भारतीय पक्ष ने सुझाया कि आईएस से संकल्पित और सामूहिक तौर पर लड़ा जाना चाहिए। बाद में सुषमा ने मिस्र के विदेश मंत्री सामेह हसन शौकरी से मुलाकात की और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में शामिल हुईं।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने कहा कि सभी क्षेत्रों, खासतौर पर सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक कार्रवाई, रक्षा और व्यापार तथा निवेश के क्षेत्रों में सहयोग के बढ़ाने लिए द्विपक्षीय कार्ययोजना बनाई जा रही है। हमने सहयोग के तीन स्तंभों पर चर्चा की जिनमें राजनीतिक और सुरक्षा स्तंभ, आर्थिक मामले और निवेश तथा जनता के बीच संपर्क शामिल हैं। जनवरी में विदेश मंत्रियों के स्तर पर संयुक्त आयोग की बैठक होगी जिससे पहले नवंबर में विदेश कार्यालय के बीच परामर्श होगा।
राष्ट्रपति सीसी से मुलाकात में सुषमा ने उन्हें इस साल के अंत में आयोजित होने वाले भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से निमंत्रण दिया।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को अरब मुल्कों के लीग के महासचिव नाबिल अल अराबी के साथ अपनी बैठक में कहा, भारत फलस्तीन के हितों के प्रति प्रतिबद्ध बना रहेगा। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने कहा, हमने फलस्तीन के हितों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं होगा। भारत के राष्ट्रपति फलस्तीन, इजरायल और जार्डन की एक साथ यात्रा करेंगे तथा फलस्तीनी हितों के लिए हमारा मूलभूत समर्थन भविष्य में ऐसा ही बना रहेगा।

Updated : 2015-08-25T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top