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हत्यारोपी फिर भी नहीं हुआ निलंबन

नगर निगम में कर रहे हैं दोनों आरोपी नौकरी

ग्वालियर। सरकारी विभागों में लापरवाही और अनियमितता के उदाहरण आए दिन देखने को मिल जाते हैं, लेकिन यदि नगर निगम की बात की जाए तो वह इसमें कुछ अधिक ही आगे है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें हत्या के आरोप में उच्च न्यायालय से जमानत पर चल रहे दो आरोपी आज भी अपने पदों पर पूर्वानुसार ही काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2011 में निगम के सफाई दरोगा अशोक करोसिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सात आरोपी बनाए गए थे जिनमें से चार को गिरफ्तार किया गया था जो जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं। वहीं दो को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। इसमें देखने की बात तो यह है कि जो दो आरोपी जमानत पर हैं उन्हें निगम की सेवा से निलंबित नहीं किया गया और वे आज भी अपने पदों पर काम कर रहे हैं। बताया जाता है कि इन लोगों के खिलाफ कई बार शिकायतें भी की गईं लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
एक क्षेत्रीय अधिकारी दूसरा सफाई दरोगा
जानकारी के अनुसार इस मामले में आरोपी सुनील खरे वर्तमान में नगर निगम में क्षेत्रीय अधिकारी तथा मुकेश खरे सफाई दरोगा के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि नियमानुसार मामले में निर्णय होने के बाद न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किए जाने पर ही इन्हें कार्य पर वापस लिया जाना चाहिए था। उधर अधिकारियों का कहना है, चूंकि पुलिस की ओर से इस आशय में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई, इसलिए वे इस मामले से अनभिज्ञ हैं।
क्या कहता है नियम
जानकारी के अनुसार यदि किसी भी फौजदारी मामले में कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी आरोपी है तो जब तक उस मामले में उसे दोषमुक्त नहीं कर दिया जाता तब तक उसे किसी सरकारी सेवा में नहीं रखा जा सकता है। वहीं दोषमुक्त होने के बाद भी यदि उक्त मामले में शासन का विधि विभाग उसे क्लीन चिट नहीं दे देता तब तक उसे बहाल नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन उक्त मामले में जमानत पर चल रहे दोनों आरोपियों को सेवा से निलबिंत भी नहीं किया गया।
इनका कहना है

''सुनील खरे और मुकेश खरे किसी फौजदारी मामले में आरोपी हैं इसकी सूचना हमें पुलिस द्वारा नहीं दी गई है। यदि ऐसी कोई सूचना मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।''
अजय गुप्ता
निगमायुक्त
''अशोक करोसिया की हत्या के मामले मेें सुनील खरे और मुकेश खरे आरोपी हैं। लेकिन वे उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर हैं। पुलिस की ओर से उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए अपील की जा रही है।''
सुधीर कुशवाह
थाना प्रभारी कोतवाली

Updated : 2015-07-24T05:30:00+05:30
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