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सिर्फ नाम का है मॉडल स्कूल, हो रहा मोहभंग

समस्याओं का अंबार, छात्र हो रहे परेशान


गुना। बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर उनका भविष्य सुधारने के लिए खोला गया मॉडल स्कूल सिर्फ नाम का मॉडल साबित हो रहा है। स्कूल में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, जिससे छात्र परेशान हो रहे है। स्कूल के अंदर की व्यवस्थाओं की क्या बात करें? स्कूल तक पहुँचने की राह ही मुश्किलें पैदा कर रही है। यूँ तो यह परेशानी पूरे साल रहती है, किन्तु बारिश के मौसम ने इस समस्या को गंभीर बना दी है। बच्चों को कूंदते-फांदते स्कूल पहुँचना पड़ रहा है। यहीँ कारण है कि मॉडल स्कूल से छात्रों और पालकों का मोहभंग हो रहा है। इसके चलते स्कूल में प्रवेश के लिए नियमों में सरलीकरण भी किया गया है।
गत साल शुरु हुआ था स्कूल
शहर के पत्रकार कालोनी में विगत वर्ष माडल स्कूल शुरु किया गया था। इसमें बिल्डिंग बनने के साथ ही विभाग ने स्कूल तो शुरु कर दिया है, किन्तु गत पूरे सत्र तक उक्त मॉडल स्कूल सिर्फ नाम का मॅाडल ही बना रहा। स्कूल में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का अभाव है। समस्याएं अब भी दूर नहीं हो पाईं हैं। छात्रों का मानना है कि सत्र भलें ही नया शुरु हो गया हो, किन्तु स्कूल में समस्याएं पुरानी ही है। स्कूल में बिजली, पानी की समस्या भी बनी हुई है, इतना ही नहीं साथ ही स्कूल जाने के लिए सड़क भी नहीं है। बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है। इन्ही समस्याओ के चलते बच्चे स्कूल में प्रवेश लेने में रुचि नहीं दिखा रहे है। बताया जाता है कि अब तक स्कूल में मात्र 60 बच्चों ने प्रवेश लिया है।
नि:शुल्क है पढ़ाई
माडल स्कूल में पढ़ाई नि:शुल्क है। इसमें बगाों से फीस भी नहीं ली जाती है। पिछले साल जब माडल स्कूल शुरु किया गया था, तो इसमें बगाों के प्रवेश व्यापमं की मैरिट सूची के आधार पर हुए थे। वहीं दूसरी ओर स्कूल में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति भी साक्षात्कार के आधार पर की गई थी।
नियमों में किया सरलीकरण
माडल स्कूल में प्रवेश नहीं होने के कारण इनकी प्रवेश प्रक्रिया को सरल कर दिया है। अब छात्र 21 जुलाई तक इसमें प्रवेश ले सकते हैं। इसमें वेटिंग लिस्ट वाले छात्र भी 22 जुलाई के बाद भी प्रवेश ले सकेंगे। इसके बाद भी अगर स्कूल में सीटें खाली रहती हैं तो जो छात्र कक्षा आठवीं ए-प्लस अर्थात् 60 फीसदी से ऊपर उत्तीर्ण हुए हैं उन्हें भी प्रवेश मिल सकता है। इसी तरह आरक्षित वर्ग में बी-प्लस श्रेणी के छात्र अर्थात् 45 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र भी प्रवेश ले सकते हैं।

Updated : 2015-07-19T05:30:00+05:30
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