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भारतीय मछुआ महासंघ का दिल्ली में प्रदर्शन 29 को

मछुआ समाज को न्याय दिलाकररहेंगे : निषाद

झांसी। भारतीय मछुआ महासंघ के द्वारा जंतर मंतर संसद मार्ग नई दिल्ली में 29 जुलाई को होने जा रहे आंदोलन के संदर्भ में सपा के राज्य सभा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने बताया की उप्र की अनुसूचित जाति की सूची में मझबार, बोट, बेल्दार, तुरईया दर्ज है लेकिन उनकी पुकारू उपजाति को जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है। जिसमें 17 जातियां सम्मिलित है और उन्हें अनुसूचित जाति का लाभ नहीं मिल रहा है। इन्हें लाभ दिलाने के लिये सपा की सरकार ने केन्द्र सरकार को संस्तुति भेज थी लेकिन केन्द्र सरकार की प्रक्रिया लंबित रहने की दशा में मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में उप्र लोकसेवा आयोग के अधिनियम के तहत सख्ती का प्रयोग कर अनुसूचित जाति का दर्जा दिये जाने का 10 अक्टूबर 2005 को जारी किया था व बसपा सरकार बनते ही इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। 15 जनवरी 2013 को भारत सरकार को सपा सरकार ने पुन: संस्तुति भेजी जिसे आईजीआई द्वारा खारिज करने पर राज्यसभा में मैंने उक्त मामले को उठाया। व इस मामले में आख्या मांगे जाने पर उप्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2015 को भारत सरकार को पुन: अतिरिक्त सामग्री भेजी गयी।
केन्द्र में बैठी सरकार ने चौथी बार संस्तुति को निरस्त कर दिया। इस मामले में मैने स्वयं प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जिसमें 10 जून 2015 को महारजिस्ट्रार द्वारा पंजीयन पुन: निरस्त कर दिया गया। इन सभी समस्याओं को लेकर भारतीय मछुआ महासंघ 29 जुलाई को विशाल धरना प्रदर्शन कर लोकसभा का घेराव करेंगी। श्री निषाद ने कहाकि मछुवा महासंघ को हमेशा समाजवादी पार्टी ने आगे बढाने का कार्य किया है और मछुआ समाज को तालाबों को पट्टे देने का भी कार्य किया। पूछे गये सवाल पर निषाद ने कहाकि झांसी महानगर में पीपी मॉडल पर आंतियां तालाब व लक्ष्मीतालाब को दिया जा रहा है इस बात का पता चलने पर उक्त मामले में मुख्यमंत्री जी से बात की जायेगी। यह कार्य मछुआ समाज को ही दिलाया जायेगा।

Updated : 2015-07-16T05:30:00+05:30
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