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नेपाल के 28 लाख लोगों को अभी भी मानवीय सहायता की जरूरत : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र । विनाशकारी भूकंप में पूरी तरह ध्वस्त हुए नेपाल के पुर्ननिर्माण के लिए कई देशों द्वारा प्राप्त आर्थिक और मानवीय सहयोग के बाद आज संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नेपाल में आए विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के दो महीने बाद भी करीब 28 लाख लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक जैमी मैकगोल्ड्रिक ने कहा कि अस्थायी बसेरों, भोजन और जीविका की मदद, बुनियादी चिकित्सा देखभाल, शौच और साफ-सफाई अब भी प्रमुख जरूरतें बनी हुई हैं और इसके साथ भूकंप पीड़ित नम एवं सर्द मौसम की चुनौती का सामना कर रहे हैं।
काठमांडु में अंतररराष्ट्रीय अनुदानकर्ताओं से मुलाकात के पहले मैकगोल्ड्रिक ने कहा, ‘‘भूकंप में अपने घर एवं जीविका गंवाने वाले लाखों लोगों को इस मानसून में जीवित रखना हमारी शीर्ष सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए।’’
साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘समय से, सैद्धांतिक और उचित राहत एवं आपदा से उबरना किसी भी पुनर्निर्माण प्रयास के सफल होने के लिए जरूरी है।’’ उनका कहना है कि मानवीय समुदाय नेपाल सरकार की उसके मानवीय जरूरतों को पूरा करने के प्रयास में सहयोग देना जारी रखेगा।
गौरतलब है कि नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप और 12 मई को आए शक्तिशाली झटके के कारण काफी तबाही हुई थी जिसके कारण पहले से कमजोर नेपाल की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। भूकंप में करीब नौ हजार लोगों की मौत हो गई थी और 23,000 लोग घायल हो गए थे। इस आपदा में पांच लाख से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा था।

Updated : 2015-06-25T05:30:00+05:30
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