Top
Home > Archived > सिंधिया पर टिकी कांग्रेसियों की निगाहें

सिंधिया पर टिकी कांग्रेसियों की निगाहें

अध्यक्ष की दौड़ में जुटे दावेदार

ग्वालियर, विशेष संवाददाता। कांग्रेस की संगठनात्मक सदस्यता का काम निपटने के बाद अब शहर और ग्रामीण में नेताओं ने अध्यक्ष बनने के लिए जोर आजमाइश तेज कर दी है। संगठनात्मक चुनाव में हालांकि अभी दो माह का समय है, लेकिन नेताओं ने अभी से ही अपने समर्थितों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दिया है।
संगठनात्मक सदस्यता का काम 15 जून तक ही होना था, लेकिन शहर कांग्रेस के पास अभी तक सुपात्र सदस्यों का आकंड़ा नहीं आ सका है।
मीडिया प्रभारी राजकुमार शर्मा कहते हैं कि सुपात्रों की संख्या का हिसाब लग रहा है। जैसे ही पूरा आकंड़ा हो जाएगा, सार्वजनिक कर दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने सुपात्र सदस्यता बनाने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई जबकि राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के समर्थकों ने इस काम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है। यही बात उजागर होने के बाद से सिंधिया समर्थकों के तोते उड़े हुए हैं।

सामंजस्य बिठाने पर जोर
पूर्व के न्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों विदेश प्रवास पर हैं। वे 25 जून को वापस भारत आएंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ही वे पार्टी संगठन पर लगाम कसेंगे। लेकिन उनके सामने भी कई गतिरोध खड़े दिख रहे हैं। मसलन शहर और ग्रामीण कांग्रेस में अध्यक्ष बनने के लिए उनके ही समर्थकों में कई नाम हैं। ऐसे में वे कैसे सामंजस्य बिठाएंगे, यह बड़ा सवाल है। सिंधिया खेमे से शहर अध्यक्ष दर्शन सिंह के अलावा अशोक शर्मा, सुुनील शर्मा, देवेन्द्र सिंह तोमर, किशन मुदगल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। सिंधिया खेमे के ही मुन्नालाल गोयल अपनी खिचड़ी अपना राग अलाप रहे हैं। सिंधिया के अलावा दिग्विजय सिंह के समर्थक भी इस बार शहर या ग्रामीण की कमान अपने हाथ में लेना चाहेंगे। दिग्विजय सिंह खेमे से पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, वासुदेव शर्मा का नाम तेजी से चल रहा है। उधर सिंधिया का ही एक खेमा मोहन सिंह राठौड़ की जगह डबरा के रंगनाथ तिवारी के नाम को तरजीह दे रहा है।
युवा को सौंपी जा सकती है कमान
उधर एक चर्चा यह भी है कि अगर राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे पार्टी की मजबूती के लिए किसी युवा को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने पर जोर देंगे। 40 वर्ष के आयुवर्ग में आने वाले ऐसे कई नेताओं ने खुद को तैयार करना शुरू कर दिया है। इनमें युवक कांग्रेस के पूर्व एवं वर्तमान अध्यक्ष केदार कंसाना,संजय सिंह यादव, युवक कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि पवार का नाम भी महिला के नाते पार्टी गलियारों में उठ रहा है।

Updated : 2015-06-19T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top