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हाजरी में सर्वर खड़ी कर रहा परेशानी

गुना। बिजली कंपनी ने अपने पुराने ढर्रे में बदलाव कर रजिस्टर पर लगने वाली कर्मचारियों की हाजरी का सिस्टम बदल दिया है। आफिसों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की उपस्थिति को आनलाइन कर दिया गया है। इसके लिए गुना बिजली दफ्तर में थम्ब रेटीना मशीन भेजी गई है। लेकिन बार-बार सर्वर की परेशानी खड़ी होने से कर्मचारियों की मशीन पर नियमित हाजरी नहीं लग पा रही है। इससे आफिस में मौजूद रहने के बाद भी गैरहाजरी लगने और वेतन कटने से कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है।अभी तक बिजली कंपनी में विभाग के रूटीन रजिस्टर पर ही अधिकारियों के साथ ही मैदानी अमले की उपस्थिति लगाई जाती थी। लेकिन उनके आने जाने के समय में लेटलतीफी होने और कई कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के बाद भी उनकी फर्जी तौर पर हाजरी लगने सरीखी गड़बड़ी को टालने के लिए विभाग ने नया तरीका अपनाया है। इसके तहत कंपनी ने दफ्तर में रेटीना थम्ब मशीन भेजी है। जिसमे कर्मचारियों की आनलाइन हाजरी लग रही है। इसमे उनके लिए सबसे बड़ा सिरदर्द सर्वर खड़ा कर रहा है।
सर्वर का नहीं पता ठिकानासुबह आफिस आने की टाइमिंग 10.30 और जाने की 5 निर्धारित की गई है। कर्मचारियों की मशीन में आने जाने की टाइमिंग दर्ज होने के साथ ही हस्ताक्षर भी दर्ज हो रहे हैं। लेकिन इन दिनों सर्वर उनके लिए भारी मुसीबत खड़ी कर रहा है। मसलन सुबह पहुंचने के बाद जब वह मशीन पर आते है, तो उन्हें सर्वर डाउन मिलते है। हर रोज उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से ठीक समय में आफिस आने के बाद भी उनकी गैरहाजरी न लग जाए। रह-रहकर उन्हें यही डर सता रहा है। क्योंकि कंपनी ने रजिस्टर के हस्ताक्षर मान्य करने से पूरी तरह से इंकार कर दिया है। कंपनी का साफ कहना है, कि रेटीना थम्ब मशीन के हस्ताक्षर ही मान्य किए जाएंगे। यह नहीं पाए जाते हैं, तो उनकी वेतन भी काटी जा सकती है। इससे कर्मचारी भी पेशोपेश की स्थिति में है, कि वह आखिर करें भी तो क्या करें।
रेटीना और थम्ब किए जा रहे दाखिलइस मशीन में कर्मचारियों की आंख का रेटीना और बॉए हाथ का अंगूठे का साइन दाखिल करना पड़ रहा है। इसमे उनकी टाइमिंग के साथ ही दिनभर में उन्होंने फिल्ड अथवा आफिस में कितना वर्क किया। यह जानकारी मशीन में आनलाइन अपलोड किया जा रहा है। मैदानी स्टाफ के साथ ही आफिस में बैठकर काम करने वाले अधिकारियों को भी यह प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से अपनाने की हिदायत दी गई है।
मैदानी स्टाफ को दी छूटइस मामले में मैदानी स्टाफ को सर्वर की समस्या के कारण छूट दी गई है। क्योंकि मैदानी स्तर पर काम देखने के लिए वह सीधे आफिस नहीं आ पा रहे हैं। इस वजह से उन्हें इससे फिलहाल मुक्त रखा गया है। इसमे उच्चस्तर के अधिकारियों को सर्वर की समस्या से भी अवगत कराया गया है। ताकि कर्मचारी इस झंझट से बच सकें। लेकिन अब तक अधिकारियों को कोई छूट नहीं दी गई है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है, कि सर्वर से उन्हें भारी परेशानी आ रही है। इसकी जानकारी भोपाल और ग्वालियर डिवीजन के अधिकारियों को दे दी गई है।

Updated : 2015-05-19T05:30:00+05:30
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