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दो भाइयों को सात- सात साल की सजा

मुरैना/अंबाह। अपर सत्र न्यायाधीश अंबाह पीसी गुप्ता ने 307 के मामले में आरोपी दो सगे भाइयों को 7-7 साल की सजा और पांच-पांच हजार रंपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक रामनिवास सिंह तोमर ने की।अंबाह कस्बे के खजूरी क्षेत्र में रहने वाले रामनरेश पुत्र टीकाराम माहौर की 28 अप्रैल 2014 को शादी थी। रिश्ता मुरैना के तुस्सीपुरा में रहने वाले रामबाबू माहौर की बेटी से तय हुआ था। शादी से पहले पास ही रहने वाले राजू, रवि पुत्रगण रामप्रसाद माहौर रामनरेश पर शादी तोडऩे का दवाब बना रहे थे। लेकिन रामनरेश ने शादी तोडऩे से इंकार कर दिया।इसी बीच 13 अप्रैल 2014 की रात 8 बजे रामनरेश खेत पर सरसों काटने के बाद घर लौट रहा था। तभी खजूरी रोड पर भुआ का पुरा की पुलिया के पास राजू और रवि ने उसे रोक लिया और मारपीट करने के बाद कट्टे से उसकी जांघ मेें गोली मार दी। मौके पर रामनरेश का भाई थानसिंह पहुंचा, तभी आरोपी मौके से भाग निकले। थानसिंह ने लहूलुहान रामनरेश को अंबाह अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने रामनरेश की रिपोर्ट पर दोनों आरोपियों के खिलाफ 307 का मामला दर्ज किया। अदालत में मामले की ट्रायल के दौरान न्यायाधीश श्री गुप्ता ने फरियादी रामनरेश और प्रत्यक्षदर्शी उसके भाई थानसिंह के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को हत्या के प्रयास का दोषी ठहराया। जिस पर से आरोपी दोनों सगे भाईयों को 7-7 साल की सजा और पांच-पांच हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किए जाने का फैसला सुनाया। 

Updated : 2015-04-29T05:30:00+05:30
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