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धन्य हो उठा देश, पुलकित है 'स्वदेश

धन्य हो उठा देश, पुलकित है स्वदेश
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  • प्रवीण दुबे



धन्य-धन्य हो उठा है देश उससे भी अधिक प्रफुल्लित और हर्षित है स्वदेश, ग्वालियर के सपूत स्वदेश के प्रथम संपादक और देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी आज देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित होने जा रहे हैं। भले ही वे आज अस्वस्थ हैं, वे चल फिर नहीं सकते लेकिन जीवन पर्यन्त उन्होंने जिन उच्च जीवन मूल्यों का आदर्श स्थापित किया उसे यह देश खासकर ग्वालियर युगों-युगों तक भुला नहीं पाएगा। छात्र जीवन, पत्रकारिता, साहित्य, राजनीति और सामाजिक क्षेत्रों में रहकर उन्होंने शुचिता, समर्पण, मेहनत और ईमानदारी के जो आदर्श प्रस्तुत किए वह सच्चे अर्थों में उन्हें भारत रत्न बनाते हैं। आज ग्वालियर गौरवान्वित है अपने इस सपूत की उपलब्धि पर।
आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जब अटलजी को उनके घर जाकर उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करेंगे तो पूरे देश की तरह ग्वालियर के लिए यह क्षण बेहद भावुक कर देने वाला होगा। ''स्वदेश'' के लिए भी यह दिन हर्ष और उत्साह वाला है, अटलजी स्वदेश के प्रथम संपादक जो रहे हैं। उन्हें भारत रत्न भले ही दिल्ली में प्रदान किया जा रहा है और सुरक्षा कारणों से शहरवासी इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं बावजूद इसके प्रत्येक ग्वालियरवासी भावनात्मक रूप से इससे जुड़ा है। कुछ गिने-चुने लोग ऐसे हैं जो उस दृश्य को अपनी आंखों से साक्षात् देख सकेंगे जब प्रणब दा देश की महान विभूति अटलजी को भारत रत्न से विभूषित करेंगे। ऐसे ही भाग्य के धनी हैं मुरैना के भाजपा सांसद और अटलजी के भानजे अनूप मिश्रा। श्री मिश्रा को राजनीति का ककहरा सीखने का मौका अटलजी के सान्निध्य में ही मिला । स्वदेश ने इस विशेष मौके पर उनसे बातचीत की। बेहद उत्साहित और आनंदित लग रहे अनूप मिश्रा से जब यह सवाल पूछा गया कि इस उपलब्धि पर अटलजी के परिवार जन निकट संबंधी कैसा महसूस कर रहे हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पूरे परिवार के लिए खुशी का इससे बड़ा कोई पल नहीं हो सकता कि उनके अपने अटलजी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किया जा रहा है। उनसे जब यह पूछा गया कि ग्वालियर से परिवार के कितने लोग इस अवसर पर दिल्ली में उपस्थित रहेंगे?
इस पर अनूप मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा कारणों तथा राष्ट्रपति प्रोटोकॉल की सीमाओं को दृष्टिगत रखते हुए, इस अवसर पर पूरे देश से केवल 40 लोगों को ही इस समारोह में शामिल होने की अनुमति मिली है।
श्री मिश्रा ने बताया कि इन 40 लोगों में परिवार के कुछ गिने-चुने संबंधी जिनमें कि वह स्वयं भी शामिल हैं के अलावा अटलजी के कुछ बेहद निकट सहयोगी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ वरिष्ठ अधिकारी तथा राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल हैं।
श्री मिश्रा ने बताया कि ग्वालियरवासियों को जैसे ही इस बात का पता चला कि उनके सपूत को 27 मार्च के दिन राष्ट्रपति द्वारा उनके निवास पर जाकर भारत रत्न प्रदान किया जाना है, तभी से बड़ी संख्या में शहरवासियों ने इस समारोह में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क किया। श्री मिश्रा ने बताया चूंकि यह सम्पूर्ण आयोजन सीधे राष्ट्रपति भवन द्वारा आयोजित किया जा रहा है, अत: बिना वहां की अनुमति के इसमें किसी भी व्यक्ति को प्रवेश दिया जाना कठिन था। जैसी कि जानकारी मिली है उनके मुताबिक अब तक 40 लोगों को ही इसकी अनुमति दी गई है। चूंकि राष्ट्रपति भवन द्वारा यह प्रक्रिया बहुत पहले ही शुरु कर दी गई थी अत: इसमें तत्काल किसी को अनुमति मिलना संभव नहीं था, श्री मिश्रा ने कहा कि उनके अपने गृहनगर ग्वालियर के निवासियों की शुभ कामनाएं अटलजी के साथ हैं यह बहुत बड़ी बात है।
उधर अटलजी की भतीजी श्रीमती कान्ति मिश्रा भी इस बात से बेहद प्रसन्न थी कि अटल जी को आज भारत रत्न दिया जा रहा है। बातचीत के दौरान श्रीमती मिश्रा व उनके पति ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि जिस दिन उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा हुई थी तब वे लोग दिल्ली गए थे। उन्होंने कहा कि उनके घर में इस बात को लेकर खुशी का माहौल है।
अटलजी के निकट संबंधी और बाल सखा मनराखन मिश्रा तो जैसे फूले नहीं समा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार और ग्वालियर के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि अटलजी दीर्घायु हों वे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर हमारे बीच आएं भगवान से यही प्रार्थना है।
यहां बताना उपयुक्त होगा कि अटलजी को उनके 90वें जन्मदिवस से एक दिन पहले उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा 24 दिसम्बर को ही की गई थी। वे 1998 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। वृद्धावस्था के चलते बीमारियों की वजह से अटलजी इन दिनों सार्वजनिक जीवन से दूर हैं।


Updated : 2015-03-27T05:30:00+05:30
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