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हड़ताल खत्म, जूनियर चिकित्सक आए काम पर वापस

प्रवेश के साथ होगा बीमा, व्यवस्था सुधार समिति की निगरानी करेंगे संभागायुक्त
ग्वालियर। गुरुवार को हड़ताल पर गए जूनियर चिकित्सक शुक्रवार को अव्यवस्थाएं सुधारने की के आश्वासन के बाद काम पर वापस आ गए। शुक्रवार को अधीक्षक कार्यालय में सभी समस्याओं को लेकर प्रात:10 बजे जूडा एवं अस्पताल प्रबन्धन की बैठक हुई जिसमें सभी समस्याओं पर चर्चा एवं उनके समाधान की सूची बनाई गई। इसके बाद संभागायुक्त के साथ बैठक हुई जिसमें जूनियर चिकित्सकों का प्रवेश के साथ ही बीमा कराने और व्यवस्था सुधार हेतु समिति गठित करने जैसी आदि मांगों को निश्चित समय में किए जाने की के आश्वासन पर जूनियर चिकित्सक काम पर वापस आ गए।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एम्बूलेन्स एवं मोटरसाइकिल की टक्कर में जूनियर चिकित्सक डॉ.अंकुर बंसल गम्भीर रुप से घायल हो गया था। घायल डॉ.बंसल के पेट के ऑपरेशन के बाद डॉ.बंसल को चिकित्सकों की सलाह पर दिल्ली रैफर करने के बाद गुरुवार को जूनियर चिकित्सक हड़ताल पर चले गए थे। शुक्रवार को जेडीए एवं अस्पताल प्रबन्धन की बैठक हुई इसमें सबसे पहले मांग की गई कि जूनियर चिकित्सकों का प्रवेश के साथ ही बीमा भी करवाया जाए जिसके आधे रुपए महाविद्यालय प्रबन्धन एवं आधे रुपए जूनियर चिकित्सकों द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं जेडीए एवं अस्पताल प्रबन्धन की बैठक में पहले समस्याएं बताई गई साथ ही उनके समाधान के सभी बिन्दूओं पर चर्चा की गई। इसके बाद संभागायुक्त के.के.खरे से उनके बंगले पर मुलाकात की गई और अपनी सारी मांगे बताई जिनको पूरा कराने का आश्वासन मिल गया। संभागायुक्त श्री खरे ने कहा कि छात्रावास की फीस दस हजार रुपए में से तीन हजार रुपए से छात्रावास के उन्नयन पर खर्च किए जाएं। बैठक में अधिष्ठाता डॉ.जी.एस.पटेल, प्रभारी अधीक्षक डॉ.एस.एन.अयंगर, सहायक अधीक्षक डॉ.कमल भदौरिया, जेडीए अध्यक्ष डॉ.गिरीश चतुर्वेदी, डॉ.अन्वेश परमार सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।
सभी करेंगे आर्थिक रूप से मदद्
घायल डॉ.अंकुर के लिए जूडा अपना एक दिन का स्टॉयफण्ड देगा। इसके साथ ही चिकित्सकों ने भी अपने एक दिन के वेतन देने की बात कह दी है। उधर बैठक में संभागायुक्त श्री खरे ने 3 लाख एवं अधिष्ठाता डॉ.पटेल ने 50 हजार एवं अन्य स्वशासी मद से भी सहयोग करने के लिए संभागायुक्त ने कहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा द्वारा भी आर्थिक सहायोग किए जाने की बात सामने आ रही है।
हड़ताल के कारण कम आए मरीज, हुए परेशान
बाह्य रोगी विभाग बन्द होने के कारण सभी चिकित्सक निश्चित समय पर मरीजों को परामर्श नहीं दे पाए। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्यत: एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे है। लेकिन शुक्रवार के अखबारों में खबर प्रकाशित होने के कारण सामान्य दिनों की अपेक्षा कम मरीज बाह्य रोगी विभाग में देखने को मिले।
वर्जन
जूनियर चिकित्सकों की जायज मांगों को मान लिया गया है। संभागायुक्त महोदय द्वारा मांगों को पूरा कराने के आश्वासन देने के बाद जूनियर चिकित्सक काम पर वापस आ गए।
डॉ.जी.एस.पटेल
अधिष्ठाता, गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय
जूनियर चिकित्सकों का प्राथमिकता रोगियों को उचित उपचार उपलब्ध कराना है और यह हमारा सौभाग्य भी है कि हमें रोगियों का उपचार करने का अवसर मिला। जूनियर चिकित्सक के साथ एक बड़ी दुर्घटना और कुछ अव्यवस्थाओं के खिलाफ हमने हड़ताल की थी। सभी मांगों के मान लिया गया है और हमें उन कार्यों के प्रति संभागायुक्त द्वारा आश्वस्त कर किया है इसलिए हम काम पर वापस आ गए।
डॉ.गिरीश चतुर्वेदी
जेडीए अध्यक्ष, गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय 

Updated : 2015-02-06T05:30:00+05:30
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