Top
Home > Archived > तालाब में बढ़ रहा प्रदूषण

तालाब में बढ़ रहा प्रदूषण

अशोकनगर | शहर का तुलसी सरोवर लोगों की मनमानियों एवं प्रशासनिक अनदेखी से अपने अस्तित्व और पवित्रता के लिये छटपटा रहा है। जहां एक ओर इसकी सफाई को लेकर मुहिम चलाने की बातें की जाती हैं तो वहीं सरोवर को सहजने की दिशा में भी पहल होना चाहिए। सफाई अभियान में लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते देखे जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर पूजन सामग्री सहित विभिन्न आयोजनों में प्रतिमाओं के विर्सजन होने से सरोवर प्रदूषित होने के साथ-साथ कचरे व गंदगी से भरा पड़ा नजर आ रहा है। जिसमें चारों ओर काई एवं अन्य विषैले पदार्थों ने पानी को उपयोग के योग्य नही रहने दिया। जून-जुलाई माह में जल प्रदूषण के चलते लाखों जलजंतु मर चुके हैं जो तैरकर विगत घटना में प्रशासन को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे थे। जैसे-तैसे बारिश के बाद उक्त सरोवर का प्रदूषण मिटा था तो अब गणेशोत्सव से लेकर दुर्गा प्रतिमाओं के विर्सजन तक विभिन्न सामग्रीयों को फैंके जानें एवं अन्य गतिविधियों के चलते एक बार फिर पछाड़ीखेड़ा का यह तालाब गंदगी से पटा दिखाई देने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा प्रतिमाओं के विर्सजन को लेकर पृथक से कुण्ड बनाने की मंशा जताई थी। जिसे भी दरकिनार करते हुए तालाब की बदहाली पर आंखे बंद कर लगातार प्रदूषण करते रहने की प्रवृति सामनें आ रही है। सनातन की वैदिक परंपराओं मेंं ठहरे हुए जल में प्रतिमा विर्सजन एवं अन्य सामग्री को प्रदूषण रोकने की मंशा से प्रतिबंध किया गया है। जानकारों की मानें तो बहते हुए जल में पुरखों के श्राृद्धकर्म से लेकर पूजन सामग्री एवं प्रतिमाओं के विर्सजन का प्रासंगिक दर्शन सामनें आता है।

Updated : 2015-10-25T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top