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भारत की देन जूडो, ग्रंथों में है उल्लेख : शाक्य

राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता का समापन


गुना। जूडो कहीं और से नहीं आया है, बल्कि यह भारत की देन है और इसका उल्लेख हमारे ग्रंथों में भी मिलता है। उक्त विचार गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने व्यक्त किए। श्री शाक्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी खेल प्रशाल में राज्य स्तरीय शालेय जूडो प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान श्री शाक्य ने कहा कि हमें भारत और इंडिया में फर्क समझना होगा, हम आज तक इस फर्क को नहीं समझ सके, इसलिए हमारा देश से वैसा लगाव नहीं रहा, जैसा होना चाहिए। अगर देश को वाकई विश्व गुरु बनाना है और उसकी बद्हाली को दूर करना है तो भारत और इंडिया में फर्क समझना होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। स्वागत की औपचारिकता के बाद प्रतियोगिता संयोजक सुनील शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में गï्वालियर संभाग को पांच स्वर्ण ,१२ रात और १६ कांस्य पदक प्राप्त हुए। प्रतियोगिता में भोपाल संभाग विजेता रहा,जबकि उपविजेता का खिलाव उज्जैन संभाग के नाम पर रहा। कार्यक्रम का संचालन आशीष टांटिया ने किया और आभार जिला क्रीड़ा अधिकारी रमेश ओझा ने माना।

Updated : 2015-10-11T05:30:00+05:30
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