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हटाने की कार्रवाई बनी, हटने की कहानी

मामला जयारोग्य अधीक्षक डॉ. बिंदल के पत्र का

ग्वालियर । पिछले काफी दिनों से शासन स्तर पर चल रही जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डॉ.ज्योति बिन्दल को हटाने की चर्चा पर बुधवार को विराम लग गया। क्योंकि बुधवार की शाम को व्हाट्सअप पर एक पत्र जारी किया गया जिसमें अस्पताल अधीक्षक डॉ.बिन्दल ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अधीक्षक पद से हटने की बात कही है। जबकि वास्तविकता यह है कि डॉ.बिन्दल पर पूर्व में दो प्रशासनिक मामलों के कारण उन्हें हटाने के निर्देश शासन स्तर पर दिए जा चुके हैं लेकिन प्रमुख सचिव अजय तिर्की के अवकाश पर होने के कारण आदेश जारी नहीं हो सके। जानकारी के अनुसार जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डॉ.बिन्दल का एक पत्र बुधवार को शाम सामने आया जिसके बाद पत्र व्हॉट्सअप और मीडिया की सुर्खिया बन गया और यह खबर शहर में फैल गई। लेकिन मामले की वास्तविकता कुछ और ही है। अस्पताल अधीक्षक डॉ.बिन्दल पर चल रहे मामलों को लेकर पूर्व में उन्हें हटाने के निर्देश दिए जा चुके थे। लेकिन प्रमुख सचिव श्री तिर्की के अवकाश पर होने के कारण आदेश जारी नहीं हो सके। अधीक्षक पद से हटने की खबर लगते ही डॉ.बिन्दल ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए स्वयं ही अधीक्षक पद से हटने की इच्छा वाला पत्र व्हाट्सअप पर जारी कर दिया। संदेह की पुष्टि व्हाट्सअप पर जारी पत्र से ही हो रही है क्योंकि एक ओर तो पत्र पिछली 18 दिसम्बर का होने के बाद बुधवार को सामने आया वहीं दूसरी और प्रमुख बात यह है कि पत्र को विधिवत चिकित्सा महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ.जी.एस पटेल से अग्रेसित नहीं कराया गया। उधर मंगलवार को भोपाल में बैठक में अधिष्ठाता डॉ.पटेल एवं प्रमुख सचिव के बीच इस सम्बन्ध में चर्चा हुई थी लेकिन इस दौरान अधीक्षक डॉ.बिन्दल की स्वयं अधीक्षक पद से हटने के पत्र की कोई बात नहीं की गई। मजे की बात यह है कि इससे पूर्व भी डॉ. बिन्दल को अधीक्षक पद से हटाया जा चुका है।

Updated : 2015-01-08T05:30:00+05:30
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