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सीसैट के मुद्दे पर संसद में हंगामा, सरकार ने फैसले को उचित ठहराया

सीसैट के मुद्दे पर संसद में हंगामा, सरकार ने फैसले को उचित ठहराया
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नई दिल्‍ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभि​क परीक्षा में सीसैट को लेकर आज राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। सीसैट के मुद्दे पर कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक फिर स्थगित कर दी गई। सरकार ने आज सदन में कहा कि सीसैट पर फैसला सही है। इतने कम समय में इससे बेहतर फैसला नहीं हो सकता है। सरकार का कहना है कि कम समय में जो सबसे सही फैसला था, वह किया गया। वैकेंया नायडू ने कहा कि सरकार का सीसैट को लेकर किया गया फैसला सही है।
उधर, सीसैट को लेकर सरकार के इस फॉर्मूले से विपक्ष सहमत नहीं हुआ। आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस ने इसको लेकर विरोध जताया। जेडीयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष शरद यादव ने कहा कि हम अंग्रेजी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हिंदी भाषा के परीक्षार्थियों को ध्‍यान में रखकर इसे समाप्‍त कर देना चाहिए। भाषा के आधार पर छात्रों से भेदभाव गलत है। जेडीयू के अलावा दूसरे दलों ने भी सरकार के फैसले के खिलाफ अपनी बात रखी। तमाम विपक्षी दल यूपीएससी की परीक्षा से सीसैट को हटाने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, सरकार की तरफ से जवाब देते हुए बीजेपी नेता मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि छात्रों की मांग के मामले में सरकार ने संवेदनशीलता से कदम उठाया है। ये समस्‍या कांग्रेस और यूपीए के काल में पैदा की हुई है, जो हमें सुलझानी पड़ रही है।
गौर हो कि केंद्र सरकार ने बीते दिन संसद में ऐलान किया कि प्रारंभिक परीक्षा के सीसैट प्रश्न-पत्र में अंग्रेजी के सवालों के अंकों को ग्रेडेशन या मेरिट में शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह घोषणा भी की कि 2011 की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए छात्रों को 2015 की परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका दिया जाएगा। सीसैट 2011 से ही लागू हुआ था। 

Updated : 2014-08-05T05:30:00+05:30
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