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पीएमटी फर्जीकाण्डः छात्र के साथ जीआरएमसी का बाबू भी गिरफ्तार

छात्र ने सवा लाख रूपए के लिए किया था फर्जीबाडा

ग्वालियर। पुलिस ने सोमवार को पीएमटी फर्जीवाड़े में शामिल गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के बैच 2010 के एक छात्र के साथ ही बाबू को भी गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार इस मामले में पकड़े गए बाबू परमानन्द बाधवा और वर्ष 2010 बैच के छात्र जयप्रकाश बघेल की गिरफ्तारी वर्ष 2010 बैच के ही छात्र प्रताप एस. चौधरी से पूछताछ के आधार की गई। प्रताप एस. चौधरी ने पुलिस को बताया था कि जब 2011 में जब उसने प्रथम प्रोब की परीक्षा का फार्म भरा था। उस समय स्टूडेंट सेक्शन के बाबू परमानन्द बाधवा ने मुझसे कहा कि तुम्हारी फोटो एलॉटमेंट फार्म से नहीं मिल रही है। इस तरह तुम परीक्षा नहीं दे पाओगे। उसने मुझसे इसके लिए 10 हजार रुपए की मांग की जो मैने उसे दे दिए थे।
वहीं 2008 बैच के छात्र संतोष बडोले ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया कि उसका फर्जी तरीके से प्रवेश विंध्यवासिनी ने कराया था और रोल नम्बर की अदलाबदली करने में बाधवा बाबू ने उसकी मदद की थी।

सीट केंसीलेशन के भी बड़े रैकेट का खुलासा
छात्र जयप्रकाश बघेल ने पुलिस को बताया कि उसने गजराराजा मेडीकल कॉलेज में वर्ष 2010 में प्रवेश लिया था। उस समय उसके एक पुराने दोस्त सर्वेन्द्र जादौन के कहने पर मैंने 2011 में पुन: पीएमटी की परीक्षा दी। इसमें मेरा सिलेक्शन हो गया। उसमें कांउसिलिंग के लिए 10वीं व 12वीं की मूल अंकसूची चाहिये थी। लेकिन वह गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में जमा थी। जिसके लिये सर्वेन्द्र और मैने बाधवा बाबू को 35 हजार रू. दिये और 10वीं और 12वीं की मूल अंकसूची कुछ दिनों के लिए प्राप्त कर ली थी। उसके बाद भोपाल जाकर मैं काउंसिलिंग में शामिल हुआ।
जयप्रकाश ने पुलिस को बताया कि कांउसिलिंग में भोपाल का चिरायु मेडीकल कॉलेज एलॉट हुआ था। मैने उस कॉलेज में प्रवेश लेने से मना कर दिया और केंन्सीलेशन का आवेदन दिया था। इसके लिए मुझे सर्वेन्द्र ने सवा लाख रुपए दिये थे।
पुलिस पकड़े गए छात्र जय प्रकाश बघेल और बाबू परमानन्द बाधवा से पूछताछ कर रही है जिसमें कई और खुलासे होने की उम्मीद है। 

Updated : 2014-07-08T05:30:00+05:30
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