Top
Home > Archived > दहेज निरोधी कानून में बदलाव लाने की तैयारी में सरकार

दहेज निरोधी कानून में बदलाव लाने की तैयारी में सरकार

दहेज निरोधी कानून में बदलाव लाने की तैयारी में सरकार
X

नई दिल्ली। दहेज निरोधी कानून के दुरुपयोग के संबंध में बढ़ती शिकायतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार इस कानून में बदलाव लाने की तैयारी में है। सरकार कानून में दंडात्मक प्रावधान करने की संभावना पर विचार कर रही है जिससे झूठे आरोप लगाने वालों को सजा या जुर्माना हो सके। महिला और बाल विकास मंत्रालय मौजूदा प्रावधान को मजबूत करते हुए दहेज की परिभाषा का दायरा और बढ़ाकर दहेज निषेध कानून को और मजबूती प्रदान करने पर विचार कर रही है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हाल में दहेज निरोधी कानून के दुरुपयोग की बढती घटनाएं मंत्रालय के संज्ञान में आई हैं। कुछ मामलों में महिलाएं अपने पति और ससुरालवालों को विभिन्न कारणों से फर्जी तरीके से फंसाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप गलत होता है तो मामला बंद हो जाता है. इसलिए कुछ प्रावधानों में बदलाव की चर्चा चल रही है जिससे कि कानून के दुरुपयोग पर सजा या जुर्माना हो सके। इस महीने के प्रारंभ में उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकारों को पुलिस को निर्देश देने के लिए कहा था कि भारतीय दंड संहिता की दहेज प्रताडना की धारा 498ए के तहत मामला दर्ज कराए जाने पर स्वत: ही गिरफ्तारी नहीं की जाए, बल्कि सीआरपीसी की धारा 41 के तहत गिरफ्तारी को लेकर पहले आश्वस्त हुआ जाए।
अधिकारी ने बताया कि जल्द राहत प्रदान करने के लिए दहेज निषेध कानून से घरेलू हिंसा कानून के कुछ प्रावधानों को जोड़ने का भी प्रस्ताव है। शादी के दौरान उपहार आदान प्रदान की सूची का भी उल्लेख करना जरुरी किया जा सकता है और ऐसा नहीं करने पर दूल्हा और दुल्हन ही नहीं, बल्कि अभिभावकों को भी तीन साल की सजा हो सकती है. अधिकारी ने कहा कि विवाह के दौरान तोहफे के उल्लेख से बाद में किसी प्रकार के दावे को रोकने में मदद मिलेगी।

Updated : 2014-07-27T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top