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भारत को इतिहास के प्रति जागरूक होना चाहिए : मोदी

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहते हुए भारत को इतिहास के प्रति जागरूक होने पर जोर दिया कि सिर्फ ऐसे देशों में ही इतिहास बनाने की क्षमता होती है।
राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार शाम एक पुस्तक विमोचन समारोह में मोदी ने राष्ट्रपति भवन जैसी धरोहर और इससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों से लोगों को अवगत कराने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एवं उनकी टीम की कोशिशों की तारीफ की। मोदी ने कहा, ‘हम इतिहास के प्रति ज्यादा जागरूक रहने वालों में से नहीं हैं और हमेशा सुनी-सुनाई बातों पर यकीन करते हैं। जो देश अपना इतिहास भूल जाता है वह इतिहास बनाने की अपनी क्षमता भी खो देता है।’
राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत प्राय: इतिहास के प्रति ज्यादा जागरूक नहीं रहा है और यह संग्रहालय ‘हमारी विशेष धरोहर के एक हिस्से को संरक्षित करने की कोशिश है।’ मोदी ने राष्ट्रपति के बारे में कहा कि वह उनके लिए एक मार्गदर्शक की तरह रहे हैं जिन्होंने परिवार के मुखिया की तरह हमेशा सही सलाह दी है।
उन्होंने कहा, ‘परिवार के मुखिया की तरह वह मेरा, जो परिवार में नया है, मार्गदर्शन करते रहे हैं।’ इससे पहले, प्रधानमंत्री ने थॉमस मैथ्यू की किताब ‘विंग्ड वंडर्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ और अगस्त 2012 के बाद से राष्ट्रपति भवन में आयोजित संगीत, नृत्य एवं सिनेमाई कार्यक्रमों के सार-संग्रह ‘इंद्रधनुष’ का विमोचन किया।
‘विंग्ड वंडर्स ऑफ राष्ट्रपति भवन’ के लेखक थॉमस मैथ्यू राष्ट्रपति के अतिरिक्त सचिव हैं। लेखकों की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी कोशिशें महज कोई संग्रह नहीं बल्कि ऐसी रचना है जो उनके निजी अनुभवों से निकली है।


Updated : 2014-07-26T05:30:00+05:30
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