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थाना प्रभारी पर मेहरबानी क्यों?

मामला थाने की हवालात में आरोपी की मौत का

ग्वालियर । 26 जून की शाम झांसी रोड थाने की हवालात में हुई चोरी के संदेही की मौत के मामले में पुलिस अधिकारी थाना प्रभारी पर मेहरबानी किए हैं। ड्यूटी पर पदस्थ दो पुलिस कर्मियों को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, वहीं थाने की प्रत्येक गतिविधि के लिए जिम्मेदार एवं जांच को प्रभावित कर पाने में सक्षम थाना प्रभारी को न तो यहां से हटाया गया है और न ही उनके विरुद्ध किसी भी तरह की कार्रवाई की गई है।
चेतकपुरी पेट्राल पंप के सामने बने बहुमंजिला भवन के परिसर से स्थानीय लोगों द्वारा चोरी के संदेह में पकड़े गए राहुुल करोसिया की 26 जून की शाम करीब 4 बजे झांसी रोड थाने की हवालात में संदिग्घ परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि चोरी के संदेह में बंद किए गए राहुल ने हवालात में पड़े कंबल से फांसी का फंदा तैयार कर लोहे के दरवाजे से फांसी लगा ली। संदेही युवक की मौत की ज्यूडिसियल जांच होनी है। घटना में संदेही की हवालात में मौत से पुलिस की कार्यशैली पर उंगलियां उठीं तो पुलिस अधीक्षक प्रमोद शर्मा ने घटना के दौरान थाने में पदस्थ हवलदार और संतरी को मामले की जांच होने तक के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह निलंबन इस कारण किया गया जिससे मामले की जांच प्रभावित न हो सके। खास बात यह रही कि थाना ही नहीं थाना क्षेत्र में किसी भी अपराधिक घटना के जिम्मेदार थाना प्रभारी एच.एल. प्रजापति को पूरी तरह बचाए रखा है। उन पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिस समय घटना हुई थाना प्रभारी न्यायालयीन कार्रवाई में गए थे। अधिकारियों का यह भी कहना है कि यदि जांच में थाना प्रभारी की लापरवाही स्पष्ट होती है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। सवाल उठता है कि जब हवलदार और संतरी के थाने में पदस्थ रहते जांच प्रभावित हो सकती है तो क्या थाना प्रभारी के पदस्थ रहते सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने की संभावना नहीं है।

'जो दो लोगों को निलम्बित किया गया है उनके द्वारा लापरवाही बर्ती गई थी। जांच में थाना प्रभारी यदि दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
आदर्श कटियार
पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज

निष्पक्ष जांच की मांग
दलित बाल्मीक विकास समिति के सदस्यों ने झांसी रोड थाना में हुई राहुल करौसिया की मौत को पुलिस द्वारा जातिगत द्वेष रखते हुए जान से मारने का मामला बताया है। समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र खरे ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मामले की शासन स्तर से गठित समिति द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। रविवार को सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष गंगाराम भौंसले के ग्वालियर आगमन पर उन्हें दलित बाल्मीक सामाज द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांग करने वालों में राजेन्द्र खरे, सरपंच महेन्द्र करोसिया, मनोज, मुकेश करोसिया, नकुल कराड़े, राजू करोसिया, योगेश चण्डालिया, राजेश पथरोड, अजय खरे, धर्मेन्द्र करोसिया आदि शामिल हैं। ष्ट

Updated : 2014-06-29T05:30:00+05:30
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