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देश ने अब तक 14महिला मुख्यमंत्री दिए

देश ने अब तक 14महिला मुख्यमंत्री दिए
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मुंबई | आनंदीबेन पटेल गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। स्वतंत्र भारत के इतिहास में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने वाली आनंदीबेन 14वीं महिला हैं। गुजरात राज्य के गठन को 54 साल हो गए और राज्य में शासन की बागडोर किसी स्त्री को सौंपने में 54 साल लग गए। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय राजनीति में महिलाएं अलग-थलग रही हैं। अगर महिला मुख्यमंत्रियों की बात करें तो स्वतंत्रता सेनानी सुचेता कृपलानी (सुचेता मजूमदार) देश के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने का गौरव पाने वाली पहली महिला थीं। उन्होंने 2 अक्टूबर 1963 को उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री थीं। इसके बाद दूसरी महिला मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी बनीं। 14 जून 1972 को उन्हें उड़ीसा राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद 1974 में वह फिर राज्य की मुखिया बनीं।
गोवा की शशिकला काकोडकर 12 अगस्त 1973 को राज्य की मुख्यमंत्री बनी थीं। तब तक गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल सका था। 1977 में शशिकला दोबारा मुख्यमंत्री बनीं। इसी तरह जानकी रामचंद्रन पति एम.जी. रामचंद्रन के निधन के बाद 7 जनवरी 1988 को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं। बहरहाल, उनके बाद पार्टी पर अभिनेत्री जे. जयललिता का नियंत्रण हो गया। तमिलनाडु को दूसरी महिला मुख्यमंत्री जयललिता के रूप में 24 जून 1991 को मिली। फिलहाल वह चौथी बार मुख्यमंत्री बनी हैं।
दलित नेता मायावती को उत्तर प्रदेश की दूसरी महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव मिला। मुलायम सिंह यादव की सरकार के पतन के बाद 3 जून 1995 को मायावती भाजपा के सहयोग से उत्तर प्रदेश की दूसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद वह तीन बार यानी कुल चार बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुईं।
इसी तरह पंजाब की राजिंदर कौर भट्टल को राज्य का पहला मुख्यमंत्री बनने का गौरव मिला। उन्होंने 21 जनवरी 1996 को पंजाब की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
राबड़ी देवी को 25 जुलाई 1997 को बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का मौका तब मिला, जब उनके पति लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाले में फंसने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ा। बाद में लालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
दिल्ली की सरकार बचाने के लिए भाजपा ने सुषमा स्वराज को दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का सम्मान दिया। वह 12 अक्टूबर 1998 को दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन प्याज संकट के कारण भाजपा विधानसभा चुनाव हार गई और कांग्रेस की शीला दीक्षित 3 दिसंबर 1998 को दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं और तीन कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनी रहीं।
भाजपा की वसुंधरा राजे को राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव तब मिला जब भाजपा राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराकर सत्ता में आई। वसुंधरा ने 8 दिसंबर 2003 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। फिलहाल वसुंधरा दूसरी बार मुख्यमंत्री बनी हैं। इसी तरह भाजपा की नेता उमा भारती को 8 दिसंबर 2003 को मध्यप्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल है।
ममता बनर्जी को कम्युनिस्टों के गढ़ पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव 20 मई 2011 को मिला जब वहां की जनता ने 34 साल पुराने कम्युनिस्ट शासन का अंत किया और तृणमूल कांग्रेस को सत्ता सौंप दी।
अब आनंदीबेन पटेल को गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव मिला। उन्होंने 22 मई 2014 को गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
वैसे इस देश में महिलाएं देश के सर्वोच्च पद (राष्ट्रपति : प्रतिभा पाटिल 2007), प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी 1969), लोकसभा स्पीकर (मीरा कुमार 2009) और विपक्ष की नेता (2009 सुषमा स्वराज) के पद तक पहुंच चुकी हैं।
इसी तरह सरोजनी नायडू के बाद कई महिलाएं राज्यों की राज्यपाल भी बन चुकी हैं, लेकिन महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व यह दर्शाता है कि महिलाएं भारतीय राजनीति में एकदम हाशिए पर रही हैं। हालांकि कांग्रेस, बसपा, एआईडीएमके और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया महिलाएं ही हैं, फिर भी महिलाओं को विधायिका में 33 फासदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला विधेयक संसद में धूल फांक रहा है।

Updated : 2014-05-23T05:30:00+05:30
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