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सादगी और सरलता के प्रतीक विवेक शेजवलकर

सादगी और सरलता  के प्रतीक विवेक शेजवलकर
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  • प्रवीण दुबे

नवनिर्वाचित महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ग्वालियर को पूर्ण विकसित और सर्वसुविधा युक्त नगर के रूप में देखना चाहते हैं। सीवेज, सफाई और पेयजल की अच्छी व्यवस्था के साथ नगर निगम की तमाम जन आधारित योजनाओं को ऑनलाइन करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। स्वदेश ऑन नेट डॉट कॉम से विशेष चर्चा करते हुए श्री शेजवलकर ने कहा कि नए ग्वालियर की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

स्वच्छता - स्वच्छ ग्वालियर के निर्माण की चर्चा करते हुए श्री शेजवलकर ने कहा कि जब पूर्व में वे ग्वालियर के महापौर थे तब स्वच्छ ग्वालियर की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कचरा प्रबंधन, संयंत्र की स्थापना की थी। किन्हीं कारणों से इसमें अवरोध आया है। इसे पुन: प्रारंभ कराना प्रथम प्राथमिकता होगी। यह संयंत्र जनभागीदारी से पुन: शुरु किया जाएगा। यहां कचरे से तीन तरह के उत्पाद बनाने की योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। इससे शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी साथ ही कचरे का उचित प्रबंधन भी होगा।

पेयजल - श्री शेजवलकर ने ग्वालियर की पेयजल समस्या को भी अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पूर्व में उन्होंने इसके लिए प्रोजेक्ट उदय जैसी महत्वपूर्ण योजना पर कार्य पूर्ण कराया था। चूंकि पेयजल के लिए नगरनिगम तिघरा बांध पर आश्रित है अत: ग्वालियर के विस्तार को देखते हुए तिघरा में पानी को बढ़ाया जाना आवश्यक है। ऐसी स्थिति में शासन को तिघरा में पानी की व्यवस्था करना चाहिए। इसके लिए हम शासन से आग्रह करेंगे कि ककैटो-तिघरा पाइप लाइन को गंभीरता के साथ पूर्ण कराया जाए। चंबल से ग्वालियर पानी लाने के सवाल पर श्री शेजवलकर ने कहा कि इस पूरी योजना पर व्यापक अध्ययन की आवश्यकता है, उसके बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है। उन्होंने एक अन्य विकल्प के बारे में बताते हुए सुझाव दिया कि केन बेतवा नदी जोड़ों परियोजना से अंगूरी बेराज तक पानी लाकर ग्वालियर की पेयजल समस्या का समाधान संभव है। इस पर कार्य किया जा सकता है। इसके लिए हम उमा भारती से आग्रह करेंगे।


सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट -
श्री शेजवलकर ने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर पम्पिंग स्टेशन से डिस्पोजल की व्यवस्था न होना एक बड़ी समस्या है, इसे दूर करना प्राथमिकता में शामिल है। भ्रष्टाचार पर अंकुश - नवनियुक्त महापौर ने यह स्वीकार किया कि नगरनिगम में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है इससे जनता को राहत तभी मिल सकती है जब अत्याधुनिक तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो। श्री शेजवलकर ने कहा कि नगर निगम में जनता से सीधे जुड़ी योजनाओं आदि को ऑन लाइन किया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी।

नया ग्वालियर - देश के अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर नए ग्वालियर की स्थापना पर चर्चा करते हुए नवनियुक्त महापौर ने कहा कि दुर्भाग्यवश ग्वालियर को जे.एन.आर.यू. में शामिल नहीं किया गया। अब ऐसी जानकारी मिली है कि इसी तर्ज पर केन्द्र सरकार द्वारा नई योजना प्रारंभ की जाने वाली है। इस योजनानुसार शहर विकास योजना प्लान तैयार की गई है। इसमें ग्वालियर शामिल किए जाने से बहुत लाभ होगा। श्री शेजवलकर ने कहा कि हाल ही में जो छह नए वार्ड नगरनिगम सीमा में शामिल किए गए हैं यहां योजनानुसार विकास करके नए ग्वालियर को विकसित करना उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा। रोप वे का निर्माण - नवनिर्वाचित महापौर ने बताया कि पूर्व में उनके महापौर रहते ग्वालियर में रोप-वे के कार्य को मंजूरी मिल गई थी। आर्कलॉजीकल सर्वे ने भी इसके लिए एनओसी प्रदान कर दी थी लेकिन केन्द्र सरकार की हठधर्मिता के कारण उस मंजूरी को आगे नहीं बढ़ाया जा सका अत: यह योजना खटाई में पढ़ गई। श्री शेजवलकर ने कहा कि वे इसके लिए मंजूरी प्राप्त करेंगे और इस योजना को पूर्ण कराना उनकी प्राथमिकता होगी।


निजी जीवन -
67 वर्ष में भी चुस्त दुरुस्त बातचीत में नवनिर्वाचित महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने अपने जीवन से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को भी हमसे साक्षा किया। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 67 वर्ष है बावजूद इसके वे इस उम्र को अपने जीवन पर प्रभावी नहीं होने देते। वे अक्टूपर से लेकर अप्रैल माह तक जहां प्रतिदिन नियमित तैरते हैं, वहीं सर्दियों के मौसम में शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए नियमित जिम जाने के साथ-साथ प्रात: भ्रमण पर भी जाते हैं।

संगीत से लगाव - श्री शेजवलकर को पुराने गाने सुनने का शौक है। वे शात्रीय गायन के साथ-साथ मराठी नाट्य संगीत भी सुनना बेहद पसंद करते हैं।

बच्चों से लगाव - श्री शेजवलकर को बच्चों से बेहद लगाव है। वे बताते हैं कि अपने पोते के साथ समय बिताना, उसको नियमित स्कूल छोडऩे जाने में उन्हें बहुत आनंद आता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लगाव - बचपन से ही संघ के स्वयंसेवक श्री शेजवलकर ने बताया कि उनका सम्पूर्ण परिवार संघ के विचारों से ही अनुप्रमाणिक है। एक ऐसे समय जब परिवार भावनात्मक रूप से बेहद त्रासदी भरे वातावरण में था। तब पूज्य गुरुजी (संघ के द्वितीय सरसंघचालक) ने परिवार को संबल प्रदान किया, उसे संभाला। उनका सान्निध्य निरंतर परिवार को मिलता रहा। श्री शेजवलकर ने बताया कि उन्हें गर्व है कि वर्तमान में उनके परिवार की पांचवीं पीढ़ी संघ शाखा पर जा रही है। पूर्व में दादा जी संघचालक रहे उसके बाद पिताजी, फिर मैं स्वयं और मेरे बाद लड़का प्रांशु संघ शाखा जाते रहे और अब मेरा पोता केशव भी बाल शाखा का नियमित स्वयंसेवक है।

Updated : 2014-12-17T05:30:00+05:30
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