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सीबीआई जांच की मांग पर अड़े परिजनों ने मजिस्ट्रियल जांच पर नहीं किए हस्ताक्षर

ग्वालियर। विगत 21 अक्टूबर को अपराध शाखा पुलिस द्वारा कथित मुठभेड़ दिखाकर मौत के घाट उतारे गए मुकेश राठौर के परिजनों ने रविवार को मजिस्ट्रियल जांच के लिए एडीएम श्रीमती विदिशा मुखर्जी के पास पहुंचकर बयान तो दर्ज कराए लेकिन उन बयानों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि वे इस फर्जी मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल नहीं सीबीआई जांच चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत 21 अक्टूबर को अपराध शाखा पुलिस की कथित मुठभेड़ में मारे गए मुकेश राठौर के परिजनों ने क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर शव को हजीरा चौराहे पर रखकर जाम लगाया था। जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया था कि वे इस मामले की सीबीआई जांच का प्रस्ताव पुलिस महानिरीक्षक के माध्यम से शासन के पास भिजवाएंगे। इसके अलावा तुरंत ही मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने का आश्वासन भी दिया, जिसमें परिजनों को शामिल करने की बात भी कही गई थी। प्रशासन या पुलिस की ओर से मामले की सीबीआई जांच का प्रस्ताव तो नहीं भेजा जा सका है। लेकिन मजिस्ट्रियल जांच एडीएम (शहर) श्रीमती विदिशा मुखर्जी से कराने को हरी झंडी दे दी। श्रीमती मुखर्जी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसी जांच के क्रम में रविवार को मृतक के परिजनों को बयानों के लिए एडीएम कार्यालय बुलाया गया था। परिजनों ने रविवार को पहुंचकर एडीएम के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। लेकिन जैसे ही उन्होंने इन बयानों पर हस्ताक्षर करने की बात कही।
परिजनों ने साफ मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि प्रशासन मजिस्ट्रियल जांच की आड़ में अपराध शाखा पुलिस के पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। इस कारण वे मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं। एडीएम श्रीमती मुखर्जी ने उन्हें समझाया भी कि परिजनों द्वारा दर्ज कराए बयानों पर हस्ताक्षर किए बिना वे कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ा सकतीं। लेकिन परिजन उनकी बात अनसुना कर अपने ही बयानों पर हस्ताक्षर बिना किए वापस चले आए।

चार सप्ताह बाद न्यायालय से सीबीआई जांच की मांग
पीडि़त परिवार के अभिभाषक ने उन्हें बताया है कि मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर न्यायालय में चार सप्ताह बाद आवेदन किया जा सकेगा। इस कारण परिजन चार सप्ताह निकलने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर प्रशासन सीबीआई का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजता है तो वे न्यायालय के माध्यम से सीबीआई जांच कराने की मांग करेंगे।
आचार संहिता के बाद फिर देंगे धरना
प्रशासन द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आश्वासन पर कार्रवाई आगे नहीं बढऩे से दुखी मृतक मुकेश के परिजन अब फिर से पुलिस और प्रशासन के विरुद्ध धरना देने की बात कह रहे हैं। परिजन नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे तब तक पुलिस और प्रशासन का विरोध करते रहेंगे जब तक इस मामले की सीबीआई जांच होकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

Updated : 2014-11-17T05:30:00+05:30
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