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हुदहुद' के प्रभाव से जूझ रहा है आंध्र, राहत अभियान तेज

हुदहुद के प्रभाव से जूझ रहा है आंध्र, राहत अभियान तेज
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विशाखापत्तनम | चक्रवाती तूफान हुदहुद के आंध्र प्रदेश के विशाखपत्तनम से रविवार को टकराने के बाद सोमवार को विशाखापत्तनम और दूसरे तटीय इलाकों में राहत अभियान शुरू किया गया। आंध्र प्रदेश के तट से टकराए चक्रवाती तूफान ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई और तूफान की चपेट में आकर पांच लोगों की जानें गईं।
चक्रवाती तूफान ने क्षेत्र में अनुमान से कहीं ज्यादा तबाही मचाई। तूफान प्रभावित क्षेत्रों में सोमवार को बारिश कम होने और आंधी थमने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकले। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीअरएफ) की टीम ने विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों की मदद से आंधी और तेज बारिश के कारण सड़कों पर गिरे पेड़ों, बिजली के तारों, खंभों और होर्डिंग को हटाने का काम शुरू किया।
तूफान की सूचना मिलते ही पहले से उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण लोगों की जान बचाई जा सकी। वहीं तूफान ने क्षेत्र में बिजली और संचार व्यवस्था को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। यातायात, परिवहन व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा और हजारों एकड़ भूमि पर लगी फसलें तबाह हो गईं। विशाखापत्तनम तट से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराए चक्रवाती तूफान हुदहुद ने तटीय शहर में सड़कों पर खड़े वाहनों को क्षति पहुंचाई, जबकि भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए।
विशाखापत्तनम में हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन और बस पड़ावों भी तूफान में क्षतिग्रस्त हुए। शहर में सोमवार को लगातार दूसरे दिन बिजली आपूर्ति ठप है और संचार प्रणाली, मोबाइल सेवा भी बंद है। लोगों को मूलभूत एवं रोजमर्रा की जरूरतों जैसे पीने के पानी, दूध और दूसरी वस्तुओं की आपूर्ति बंद होने के कारण मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 5,00,000 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। 

Updated : 2014-10-13T05:30:00+05:30
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