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सोनिया ने किया बाड़मेर रिफाइनरी का शिलान्यास

सोनिया ने किया बाड़मेर रिफाइनरी का शिलान्यास

जयपुर | राजस्थान वासियों का तेल रिफाइनरी लगने का सपना साकार हो गया। प्रदेश को मेट्रो रेल के साथ ही एक सप्ताह में ही कई बड़ी सौगाते दी गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना रिफाइनरी का शिलान्यास किया। बाड़मेर की मरूभूमि में रिफाइनरी लगने से प्रदेश की तस्वीर ही बदल जाएगी।
पचपदरा में प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना बाड़मेर रिफाइनरी का शिलान्यास हो गया।। यह देश की 26वीं रिफाइनरी है और राजस्थान रिफाइनरी वाला देश का 15वां प्रदेश बन गया। 90 लाख मीट्रिक टन की रिफाइनरी पर 37230 करोड़ रूपए लागत आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी होगी। यह तेल शोधक कारखाना वैक्स ऑयल तकनीक पर आधारित होगा। रिफाइनरी बनने के बाद इससे जुड़े बाय प्रोडक्ट्स की 125 से भी अधिक उत्पादों की फैक्ट्रियां यहां लगेगी।
रिफाइनरी को उद्योगों की जननी कहा जाता है। बाड़मेर में रिफाइनरी लगने से पेट्रोकेमिकस, पेट्रो इंजीनियरिंग, पेट्रो मेडिसनल रिसर्च, हीटिंग ऑइल इंडस्ट्रीज पॉलिमर्स, प्लास्टिक उद्योग आदि को बढ़ावा मिलेगा। क्रूड ऑयल से "नेफ्था" निकलता है जिससे "पेट्रोल" बनता है। साथ ही यहां नेफ्था, पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और एविएशन फ्यूल भी बनेगा। इसके अलावा मोम, डॉमर, प्रोपेलिन एवं अन्य हाइड्रोकार्बन उत्पादों का उत्पादन होने के अलावा पेट्रोलियम आधारित अन्य कई औद्योगिक इकाइयां लगने से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर प्राप्त होंगे। बाड़मेर में 90 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता की रिफाइनरी लगने से राजस्थान को वर्तमान में तेल दोहन से मिल रही पांच हजार करोड़ रूपए की सालाना रॉयल्टी के मुकाबले प्रतिवर्ष 13 से 15 हजार करोड़ रूपए की आमदनी होने की उम्मीद है। सरकार ने इस वर्ष 21 फरवरी को एच.पी.सी.एल. को रिफाइनरी लगाने के लिए 3376 करोड़ वार्षिक पैकेज (वायबिलिटी गैप फंड के रूप में) के अनुसार 15 वर्ष के लिए करीब 56 हजार 40 करोड़ रूपए के वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी है। इसके अलावा नि:शुल्क भूमि, पानी, आधारभूत ढांचा विकास आदि सुविधाएं भी दी जाएंगी। रिफाइनरी के लिए उत्पादन शुल्क में 50 फीसदी छूट देने की भी वित्त मंत्रालय को सिफारिश भेजी है।
रिरिफाइनरी लगने से आसपास के क्षेत्र में औद्योगिकीकरण विकास तेजी से होगा। इससे क्षेत्र में होने वाले सामाजिक और आर्थिक विकास से ईधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग बढ़ेगी। जिससे राजस्थान सरकार के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर, शुल्क राज्य सरकार को मिलेंगे। इसी प्रकार रिफायनरी का निर्माण कार्य और रिफाइनरी उपकरणों के अनुरक्षण के लिए जरूरी नट, बोल्ट, बेरिंग, मशीन औजार, पम्प मोटरों की मरम्मत के सहायक लघु उद्योंगों के अलावा पॉलीप्रोपेलीन व पॉली इथायनील जैसे पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन से अन्य पट्रोकेमिकल संयंत्र स्थापित होंगे। बड़ी संख्या में क्षेत्र में फैक्ट्रियां लगने से औद्योगिकीकरण बढ़ेगा।

Updated : 2013-09-22T05:30:00+05:30
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