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हैदराबाद केंद्र शासित प्रदेश के रूप में स्वीकार नहीं : टीआरएस

हैदराबाद केंद्र शासित प्रदेश के रूप में स्वीकार नहीं : टीआरएस

हैदराबाद | तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह हैदराबाद को कभी केंद्र शासित प्रदेश या आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों की संयुक्त राजधानी के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।
राव ने कहा कि उनकी पार्टी को इस बात को लेकर कोई आपत्ति नहीं है कि आंध्र प्रदेश की सरकार का कामकाज अगले 10 साल के लिए हैदरबाद से हो। लेकिन उन्होंने साफ किया कि हैदराबाद प्रशासन की जिम्मेदारी तेलंगाना सरकार संभालेगी।
पृथक तेलंगाना के विरोध में सीमांध्र (रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश) में लगातार हो रहे प्रदर्शन और हैदराबाद को केंद्र शासित राज्य का दर्जा देने की उनकी मांग के संबंध में टीआरएस नेता ने कहा कि यह तेलंगाना के लोगों को स्वीकार नहीं होगा।
सीमांध्र में हो रहे प्रदर्शन के सवाल पर राव ने कहा कि वह इसे लेकर चिंतित नहीं हैं, क्योंकि इससे निपटना सरकार का काम है। उन्होंने कहा, "हमारे लिए तेलंगाना राज्य का गठन पहले ही हो चुका है और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह इसकी घोषणा कर चुके थे।"
राव ने यह भी कहा कि उन्होंने सीमांध्र के कर्मचारियों को कभी हैदराबाद छोड़ने के लिए नहीं कहा, बल्कि मीडिया के एक धड़े ने उनकी बात की गलत व्याख्या की। उन्होंने कहा, "मैंने केवल इतना कहा कि उन्हें आंध्र प्रदेश की सरकार के लिए काम करना होगा, जबकि तेलंगाना के कर्मचारी तेलंगाना सरकार के लिए काम करेंगे।"
उन्होंने कहा कि वह किसी को भी यहां से जाने के लिए नहीं कह रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग देश के विभिन्न हिस्सों से आकर सदियों से यहां रह रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमें निवेश की आवश्यकता है और हम उन सभी का स्वागत करेंगे जो यहां निवेश करेंगे।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेलंगाना फिल्म उद्योग हैदराबाद में नहीं होगा, बल्कि इसका विकास अन्यत्र किया जाएगा।

Updated : 2013-08-04T05:30:00+05:30
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