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नेत्र चिकित्सा में निजी क्षेत्र आगे आएं: प्रणब

नेत्र चिकित्सा में निजी क्षेत्र आगे आएं: प्रणब
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भोपाल | राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने निजी क्षेत्रों और संस्थाओं से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में आगे आकर काम करने का आह्वान किया है। मुखर्जी मध्य प्रदेश के तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन नरसिंहपुर के झोतेश्वर में शंकराचार्य नेत्र चिकित्सालय के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में अन्य विकसित देशों की तुलना में नेत्रहीनों की संख्या अधिक है। इस क्षेत्र में और काम किए जाने की जरूरत है। इस मौके पर द्वारकापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती भी मौजूद थे।
इससे पहले राष्ट्रपति मुखर्जी सुबह राजा भोज विमान तल से वायुसेना के विशेष विमान से जबलपुर के लिए रवाना हुए। वह जबलपुर से झोतेश्वर गए, जहां उन्होंने शंकराचार्य नेत्रालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर राज्यपाल रामनरेश यादव, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति मुखर्जी अपनी यात्रा के तीसरे दिन आठ जून को सुबह इन्दौर जाकर वहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इसी दिन राष्ट्रपति इन्दौर से उज्जैन जाएंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। वह उज्जैन से इन्दौर आकर दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
प्रणब को जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण समारोह में संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने एक कलंगी (टोपी) पहनाई। यह कलंगी बैगा जनजाति के लोग नर्तन के दौरान पहनते हैं। टोपी में मोर पंख लगे रहते हैं। बैगा जनजाति की मान्यता है कि मोर आकाश का प्रतीक है।

Updated : 2013-06-07T05:30:00+05:30
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