Home > Archived > राजकीय सम्मान के साथ हुआ सरबजीत का अंतिम संस्कार

राजकीय सम्मान के साथ हुआ सरबजीत का अंतिम संस्कार

राजकीय सम्मान के साथ हुआ सरबजीत का अंतिम संस्कार
X

नई दिल्ली | पाकिस्तान में मारे गए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह को पंजाब में उनके पैतृक गांव भिखीविंड में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। उनके अंतिम संस्कार में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। उनकी बहन दलबीर कौर ने उन्हें मुखाग्नि दी। 23 साल तक अपने परिवार से दूर पाकिस्तान की जेल में दिन काटने वाले सरबजीत का शव कल रात उनके गांव भिखिविंड लाया गया था। बीते शुक्रवार को लाहौर की कोट लखपत जेल में हमले से मरणासन्न हुए सरबजीत ने जिन्ना अस्पताल में बुधवार आधी रात के बाद भारतीय समयानुसार डेढ़ बजे इस बेरहम दुनिया से विदा ले ली। पूरे देश में गम और गुस्से की लहर के बीच सरबजीत का पार्थिव शरीर भारत सरकार की ओर से भेजे गए विशेष विमान से अमृतसर लाया गया, जहां से उसे दोबार पोस्टमार्टम के लिए अमृतसर मेडिकल कॉलेज लाया गया। अगस्त, 1990 की एक रात वह भटकर मुल्क की सीमा लांघकर पाकिस्तान पहुंच गए। इसके बाद 1991 में उन्हें जासूसी और लाहौर व फैसलाबाद में हुए बम धमाकों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुना दी गई। तमाम अपील, अनुरोध और इस पुख्ता दलील के बाद भी उन्हें माफी नहीं दी गई कि वह गलत पहचान का शिकार हुए हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पाकिस्तानी जेल में अमानवीय व्यवहार का शिकार हुए सरबजीत सिंह की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की है। सरबजीत को शहीद घोषित करते हुए बादल ने उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की बात कही। प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा। इसके अलावा सरकार सरबजीत की दोनों बेटियों को सरकारी नौकरी भी देगी।

Updated : 3 May 2013 12:00 AM GMT
Next Story
Share it
Top