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रामसेतु के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: भार्गव

दतिया | भारतीय जनसेवा संगठन के प्रमुख अनिल भार्गव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि राष्ट्रीय स्मार्क रामसेतु के साथ छेड़छाड़ न करें। उन्होंने पत्र में कहा कि आपकी सरकार द्वारा काफी समय पहले से राष्ट्रीय स्मारक रामसेतु को तोडऩे की तैयारी कर ली है। मगर 2008 में उच्चतम न्यायालय ने पचौरी की अध्यक्षता में एक समिति बनाकर रामसेतु समुद्रम पर एक वैकल्पिक मार्च ढू्ढने के लिए आपकी सरकार को निर्देशित किया था। उस समय से यह परियोजना अधर में लटकी रहीं। लेकिन 22 फरवरी 13 को आपकी सरकार की ओर से एक हलफनामा उच्चतम न्यायालय में पेश किया गया। जिसमें सरकार द्वारा सेतु समुद्रम मामले में आर.के. पचौरी समिति की सिफारिशों की अनदेखी करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारतवर्ष के करोड़ो हिन्दुओं के आराध्य भगवान श्रीराम द्वारा निर्मित लाखों वर्ष पुराना करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र सेतु समुद्रम रामसेतु को तोडऩे का प्रयास केन्द्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। जो हिन्दुओं के लिए कुठराघात है यदि आपकी सरकार द्वारा रामसेतु के साथ कोई छेड़छाड़ की गई तो देश में शांति और अराजकता का वातावरण पैदा हो जाएगा। इसलिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि करोड़ों हिन्दुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए सेतु समुद्रम परियोजना को आगे बढ़ाने से रोका जावें। यदि इस परियोजना को नहंी रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते है। 

Updated : 25 April 2013 12:00 AM GMT
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