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बोस्टन विस्फोट मामले में पहली सुनवाई 30 मई को

वाशिंगटन | अमेरिका के बोस्टन शहर में मैराथन के दौरान हुए विस्फोट के एकमात्र जीवित साजिशकर्ता के विरूद्ध अमेरिका की एक अदालत ने मुकदमे की पहली सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख तय की है। न्यायाधीश ने कल फैसला सुनाया कि मामले की पहली सुनवाई 30 मई को मैसाचुसेट्स जिला अदालत में होगी।
चेचन्या मूल के 19 वर्षीय जोखर सारनाएव के खिलाफ नरसंहार के हथियार इस्तेमाल करने की साजिश के आरोप लगाये गये हैं और दोषी पाये जाने की सूरत में उसे मौत की सजा हो सकती है। न्यायाधीश ने कहा कि जोखर मानसिक रूप से स्वस्थ और सजग दिख रहा है।
गौरतलब है कि अमेरिका के बोस्टन शहर में मैराथन के दौरान हुये दो विस्फोटों की साजिश रचने वाले दो संदिग्ध चेचेनयाई भाइयों की पहचान तामेरलान सारनाएव (26 साल) और जोखर सारनाएव (19 साल) के तौर पर हुई है। रूस में पैदा हुआ बड़ा भाई तामेरलान मारा गया, जबकि किर्गिस्तान में पैदा हुये जोखर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, क्योंकि उसके सिर, गले, पांव और हाथ पर गोली के जख्म थे।
इस मामले की संजीदगी और जोखर की हालत के मद्देनजर अधिकारियों ने अस्पताल के कमरे को ही एक अदालत में तब्दील कर दिया है, जहां जिला न्यायाधीश मारियाने बी बाउलर ने कार्यवाही शुरू की। इस मामले में भारतीय अमेरिकी आलोक चक्रवर्ती संघीय सरकार का पक्ष रखेंगे।
न्याय विभाग ने बताया कि संदिग्ध के खिलाफ नरसंहार के लिये हथियार इस्तेमाल करने की साजिश और विस्फोटक का इस्तेमाल कर संपत्ति का नुकसान करने के आरोप लगाये गये हैं। बोस्टन में हुये इन विस्फोटों में तीन लोग मारे गये थे और 200 से अधिक लोग घायल हुये।


Updated : 2013-04-23T05:30:00+05:30
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