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सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने की जरूरत : सोनिया गांधी

नारायणपुर। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि भारत को अपने आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सांप्रदायिक ताकतों से कारगर ढंग से संघर्ष करने की जरूरत है। सोनिया ने मालदा जिले में एक कार्यक्रम में कहा कि देश का आर्थिक और सामाजिक विकास एक साथ होना चाहिए, जिसके लिए हमें सांप्रदायिक ताकतों से जमकर संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारा एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यही हमारी ताकत और पूंजी है। कांग्रेस पार्टी देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का संरक्षण करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
संप्रग सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए लिए कई उपाय किए जाने का जिक्र करते हुए सोनिया ने मनरेगा, जेएनएनयूआरएम, भारत निर्माण जैसे कार्यक्रमों का नाम लिया और कहा कि असंगठित क्षेत्र को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के कार्यक्रम भी चलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए जल्द ही एक विधेयक पारित करेगी। उन्होंने कहा, ‘बजट में सरकार ने महिलाओं के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक बनाने का ऐलान किया है जो 1000 करोड़ रुपए की शुरुआती पूंजी के साथ उन्हें कर्ज मुहैया कराएगा।’ सोनिया ने कहा, ‘इससे पता चलता है कि सरकार महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने के कार्य को कितना महत्व देती है। इसी उद्देश्य से बजट में महिलाओं के लिए एक हजार करोड़ रुपए का निर्भया कोष बनाने का प्रावधान भी किया गया है। संप्रग सरकार पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भी देख रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सच्चर समिति की सिफारिशें लागू की जाएंगी और मदरसे लड़कियों को विशेष छात्रवृत्ति प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए प्रधानमंत्री के 15 सूत्री कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा और इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री खुद देख रहे हैं।
सोनिया ने बताया कि प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा बिल को भी जल्द पारित किया जाएगा। शिक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी शिक्षा पर खास ध्यान दे रही है और इसी मकसद से देशभर में कई तकनीकी संस्थान खोले गए हैं। वह यहां स्वर्गीय ए बी ए गनी खान चौधरी की स्मृति में बनाए जाने वाले गनी खान चौधरी इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान की आधारशिला रखने के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थीं। संस्थान के बारे में उन्होंने कहा कि इसके चालू होने के बाद इससे मालदा और आसपास के इलाकों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। 

Updated : 2013-03-16T05:30:00+05:30
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