Top
Home > Archived > हेगल के भारत विरोधी बयान पर मचा बवाल

हेगल के भारत विरोधी बयान पर मचा बवाल

हेगल के भारत विरोधी बयान पर मचा बवाल

नई दिल्ली | भारत द्वारा अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न समस्याओं के लिए वित्त पोषण करने संबंधी नये अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल के बयान को बेबुनियाद बताते हुए भाजपा ने आज कहा कि सरकार को हेगल के बयान को बिना शर्त वापस लेने के लिए अमेरिका पर राजनयिक दबाव बनाना चाहिए।
भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि हेगल का यह बयान बेतुका और बेबुनियाद है कि भारत ने अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न समस्याओं के लिए वित्त पोषण किया है।
रूड़ी ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दिये जाने के हेगल के बयान पर भी आश्चर्य जताया। पाकिस्तान ने ही अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को शरण दी जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमले में 5000 से अधिक अमेरिकियों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि हेगल के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देने के भारत सरकार के रुख से भाजपा चिंतित है। भाजपा मांग करती है कि भारत सरकार को इस बात के लिए राजनयिक दबाव बनाना चाहिए कि चुक हेगल बिना शर्त अपने बयान को वापस लें।
पूर्व रिपब्लिकन सीनेट सदस्य ने वर्ष 2011 में ओकलाहोमा की कैमरन यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए कहा था, ‘‘भारत ने पिछले कुछ समय से हमेशा अफगानिस्तान को युद्ध के दूसरे मोर्चे के रूप में इस्तेमाल किया है और भारत ने वष्रो से सीमा के उस पार पाकिस्तान के लिए समस्याएं उत्पन्न करने के लिहाज से वित्त पोषण किया है।’’
हेगल के इस बयान को ओबामा प्रशासन के रुख से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन हमेशा से अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए भारत की भूमिका की प्रशंसा करता रहा है तथा अफगानिस्तान में और अधिक भूमिका अदा करने के लिए भारत पर दबाव बनाता आ रहा है। ऐसे में भारत की भूमिका पर सवाल खड़े करने वाले हेगल का रक्षा मंत्री बनाया जाना कई सवाल खड़े करता है|
वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने इसके जवाब में कहा, 'अफगानिस्तान में शांति स्थापना को लेकर भारत का संकल्प सवालों के परे है। हेगल की टिप्पणियां अफगानिस्तान के लोगों के कल्याण के लिए भारत की प्रतिबद्धता की सच्चाई के बिल्कुल उलट हैं। साथ ही पड़ोस में आतंकवाद व उसकी सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ भारत का नजरिया भी अडिग है।'
भारतीय दूतावास का कहना है,'शांतिपूर्ण, स्थायी और समृद्ध अफगानिस्तान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दृढ़ है। यह अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था और ढांचागत सुविधाओं के विकास में हमारी मदद से साफ झलकता है। अफगानिस्तान में विकास के लिए भारतीय सहयोग को वहां की जनता व सरकार दोनों का समर्थन हासिल है।'




Updated : 2013-02-27T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top