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साधुओं के लिए भी हो आदर्श आचार संहिता: रामदेव

साधुओं के लिए भी हो आदर्श आचार संहिता: रामदेव

जयपुर l योगगुरू बाबा रामदेव ने साधुओं पर उठ रहे सवालों पर विराम लगाने के उद्देश्य से कहा कि उनके लिए भी एक आचार संहिता होनी चाहिए। जब उनसे आसाराम के संदर्भ में पूछा गया कि समाज किन साधुओं पर विश्वास करे तो उन्होंने कहा कि साधु पाप करते हैं तो उन्हे सामान्य लोगों को दिए जाने वाले दंड से अधिक दंड दिया जाना चाहिए। मौजूदा दौर में तो पति पत्नी के बीच विश्वास टूटा हुआ है। उन्होने कहा कि धर्म सत्ता और राज सत्ता में काफी पतन हुआ है इसमें सुधार की जरूरत है। रामदेव ने कहा, मैं सीधे तौर पर राजनीति में प्रवेश नहीं करूंगा। मेरे सामने दो जिम्मेदारियां है। इनमें एक ऋषि संस्कृति के कर्तव्यों को निभाना और दूसरी देश के समक्ष नेतृत्व संकट का समाधान करना है। मैं राष्ट्रधर्म के कर्तव्य को निभाउंगा। बाबा रामदेव ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को बिना भगवे वाला फकीर बताते हुए कहा, मोदी लुटेरा नहीं हो सकता, भ्रष्टाचारी नहीं हो सकता, देश नहीं तोड़ सकता इसलिए हमने उस पर भरोसा किया है। उन्होने कहा पर्वितन संवैधानिक प्रक्रिया से ही आएगा इसलिए हमने मोदी को व्यक्तित्व के रूप में चुना है पार्टी के रूप में नहीं। रामदेव ने कहा कि अपने जीवन को प्रामाणिकता के साथ जीने से ही देश को संकट से उबारा जा सकता है। योगगुरू रामदेव ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को असंवैधानिक करार दिए जाने को देश के लोकतंत्र की बडी घटना बताते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय को तुंरत इस पर अपनी विवेचना देनी चाहिए वर्ना देश में संवैधानिक संकट पैदा हो जाएगा।




Updated : 2013-11-08T05:30:00+05:30
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